मुंबई के होटल ताज में बनाई थी नकली इंजेक्शन बेचने की प्लानिंग

इंदौर। नकली रेमडेसिविर की पहली खेप इंदौर में बेचने के बाद दो आरोपी मुंबई की होटल ताज में 10 दिन तक रुके। होटल ताज में योजना बना रहे थे कि कैसे देशभर में नकली इंजेक्शन सप्लाए करें। एसपी पूर्व आशुतोष बागरी ने बताया, विजय नगर पुलिस ने रिमांड खत्म होने पर पुनीत शाह, कौशल बोहरा, कुलदीप सांवलिया, सुनील मिश्रा को कोर्ट में पेश किया। इन्हें 31 मई तक रिमांड पर लिया है। चारों को प्रोडक्शन वारंट पर गुजरात से पुलिस लाई है। पता चला कि इंदौर में 700 इंजेक्शन देने के बाद सुनील व कौशल 10 दिन तक मुंबई के होटल ताज में रहे। वहां ये योजना बनाते रहे कि इंजेक्शन आगे कैसे बेचे? पुनीत शाह का मुंबई में फ्लैट है। वह भी इनके संपर्क में था। पुलिस ने ताज होटल से दोनों के होटल में रुकने व उस समय के सीसीटीवी फुटेज लिए हैं। इनके पास से वह रिपोर्ट भी मिली, जिसमें छेड़छाड़ कर इन्होंने असली रेमडेसिविर इंजेक्शन हासिल किया था। ये लोग एक फैक्ट्री शुरू करने वाले थे, उसके दस्तावेज भी इनके पास से मिले। सूरत में जिस फार्म हाउस में नकली इंजेक्शन तैयार हो रहे थे, वहां से नमक व ग्लूकोज के बाक्स भी जब्त हुए हैं। इंजेक्शन बेचने से मिले रुपए के बारे में पुलिस जानकारी ले रही है। इधर, पुलिस ने वैभव त्रिपाठी व अंकित को भी बुधवार को पेश कर 28 मई तक रिमांड पर लिया है। वैभव के मोबाइल में करीब 25 लोगों से चेटिंग मिली थी। इन्हें एक-एक इंजेक्शन उसने बेचे थे। इन सभी के बयान पुलिस ने लिए। इन्होंने अपने परिजन के लिए इंजेक्शन खरीदे थे।

इंदौर की विजयनगर थाना पुलिस 700 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले छानबीन कर रही है। अभी 660 इंजेक्शन का हिसाब तो पुलिस को मिल गया लेकिन अभी 40 इंजेक्शन की छानबीन जारी है। विजय नगर पुलिस ने बुधवार को गुजरात से लाए गए चार आरोपियों का 31 तक रिमांड लिया था। जिसमें उनका आगे और रिमांड बढ़ाया गया है। एसपी आशुतोष बागरी के मुताबिक नकली रेमडेसिविर मामले में पुलिस ने सुनील मिश्रा, कुलदीप और अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था। यहां से उनका 31 मई तक का रिमांड मिला है। एसपी के मुताबिक सुनील के साथ अभी पुलिस गुजरात गई थी। वहां से कुछ दस्तावेज जब्त कर लाई है। आरोपियों ने जो 1200 इंजेक्शन मध्यप्रदेश में बेचे थे, उनमें से 700 इंजेक्शन इंदौर में दिए गए थे जिनमें से 660 का हिसाब पुलिस को मिल चुका है। वहीं 40 इंजेक्शन का हिसाब और लिया जाना है। पुलिस मामले में और जब्ती करेगी। इस मामले में जल्द खुलासा किया जाएगा। आरोपियों ने 500 इंजेक्शन जबलपुर में बेचना बताए थे।

अब तक 23 पर रासुका
केवल विजयनगर पुलिस द्वारा ही पूरे रैकेट में अब तक 111 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। 23 आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई हो चुकी है। अन्य 10 आरोपियों पर रासुका के लिए प्रावधान कलेक्टर कार्यालय भेजा जा चुका है जिसमें जल्द कार्रवाई हो जाएगी।

ऐसे जुड़े तार
कुछ दिन पहले विजयनगर थाना प्रभारी तहजीब काजी को एक पीड़ित महिला ने शिकायत की थी। उसने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाएं एक व्यक्ति उपलब्ध करा रहा है। वह सिर्फ महिलाओं को ही यह देने की बात कह रहा है। इसके बाद पुलिस ने रक प्रियंका को जरूरतमंद बनाकर इंजेक्शन के लिए भेजा। आरोपी सुरेश यादव निवासी बाणगंगा से मैसेंजर पर टोसिलिजुमैब इंजेक्शन को देने की बात कर रहा था। महिला पुलिस अधिकारी और एक थाने के आरक्षक ने उसे जाल बिछाकर उसे पकड़ लिया था ।

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