लग तो ऐसे रहा है कि शराब नहीं सिनेमा की टिकट ले रहे हैं
रायपुर। राज्य में 9 अप्रैल से बंद शराब दुकान 26 मई को खुली,फिर क्या था लाइन तो ऐसे लग गई जैसे सिनेमा की टिकट ले रहे हैं। न दो गज दूरी-न कोविड के नियमों का पालन। न पुलिस का आदमी न आबकारी की नजर। सिर्फ ले दारू और दे पैसा। जानकारी तो मिली है कि पहले ही दिन खुली दुकानों व आनलाइन बिक्री को जोड़ दें तो 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री हुई है। कहीं -कहीं तो धक्का मुक्की व मारपीट की नौबत भी आ गई लेकिन लग तो ऐसे रहा था कि पुलिस ने कह दिया है खुद ही निपट लो। दूसरे दिन भी सभी दुकानों में यही नजारा रहा। लगता है यही हाल रहा तो बिक्री के सारे पूर्व रिकार्ड टूट जायेंगे।
बहरहाल विदेशी व प्रीमियम ब्रांड की शराब दुकानों में नहीं बिक रही है लेकिन मांग को देखते हुए बताया जा रहा है कि 31 मई के बाद यह भी चालू हो जायेंगे। मतलब लाकडाउन के बाद खुले बाजार में यदि सर्वाधिक कारोबार हो रहा है तो वह है शराब का। चलो ठीक ही है तीसरी संभावित लहर के लिए स्टाक भी कर रहे हैं और अपनी सेहत भी मजबूत कर रहे हैं। जब पीने वालों की चाहत ही इतनी है तो क्या करें सरकार,लेकिन सुरक्षा व कोविड के नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी तो बनती है इसलिए कि दुकानें भी सरकारी है।
