बीएसपी के मरच्यूरी में बंद फ्रीजर में रखा श्रमिक का शव

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर-9 अस्पताल के शव घर में दो दिन पहले एक बीएसपी कर्मी का शव रखा गया था, लेकिन बंद फ्रीचर में शव रखने की वजह से उसमें फफूंद लग गया, इस जानकारी तक हुई परिजन शव लेने पहुंचे थे। घटना की जानकारी मिलते ही कई श्रमिक संगठन भी शवघर पहुंच गए और डायरेक्टर से इस्तीफे की मांग करने लगे। इस बीच डायरेक्टर ने परिजनों व श्रमिकों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी की जाएगी, इसके बाद वे शांत हुए और शव को लेकर दह संस्कार के लिए रवाना हुए।

जानकारी के अनुसार भिलाई इस्पात संयंत्र के जल प्रबंधन विभाग में कार्यरत वेणुगोपाल का निधन दो दिन पहले सामान्य बीमारी से सेक्टर-9 अस्पताल में हो गया था। वेणु गोपाल परिजनों ने शव को अस्पताल के शव घर में रखवा दिया था। बुधवार सुबह अंतिम संस्कार के लिए शव लेने जब परिजन शव घर पहुंचे तो स्थिति देखकर दंग रह गए। वेणुगोपाल के छोटे भाई ने जिम्मेदार अधिकारियों से कहा-सर मेरी बहन केरल से आई है। मेरी बुजुर्ग मां, भाभी भाई का चेहरा देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं, क्या मैं यही चेहरा उनको दिखाऊं। जिस तरह से मेरे भाई की बॉडी की जो दुर्गति की गई है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हम सेक्टर-9 हॉस्पिटल को अच्छा मानते थे। इस पूरे घटनाक्रम में सभी ने अस्पताल प्रबंधन पर उनकी लापरवाही के लिए नाराजगी जाहिर की। उच्च प्रबंधन में बैठे लोग अपने केबिन से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सिर्फ और सिर्फ निर्देश दे रहे हैं, जिसका परिणाम यह है।
बताया जाता है कि वेणु गोपाल का शव डीकंपोज हो गया था। घटना की जानकारी लगते ही कुछ ही देर में यूनियन के नेता भी वहां पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा मचाया। उनका कहना था कि प्रबंधन की लापरवाही से इस तरह की स्थिति निर्मित हुई है। इस दौरान भीड़ में से कुछ कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सेक्टर 9 अस्पताल के ईडी डॉक्टर इस्सर से भी इस्तीफा की मांग की। घटना की जानकारी लगने के बाद भिलाई इस्पात संयंत्र के ईडी पीएंडए एसके दुबे और सेक्टर-9 अस्पताल के ईडी डॉक्टर इस्सर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ और परिजन शव को लेकर अंतिम संस्कार करने रवाना हुए।

आक्रोशित सीटू नेताओं ने बताया कि वेणुगोपाल का शव जिस फ्रीजर में रखा गया था। वह फ्रीजर बंद था और बॉडी पूरी तरह से डीकंपोज हो गई थी। चेहरा पर फफूंद आ गया था। बॉडी से बदबू आ रही थी, जिसके बाद फ्रीजर को चेक किया गया तो फ्रीजर बंद था। इसके बाद आॅपरेटर आकर उसे चालू करने का प्रयास किया। जब आपरेटर से पूछा गया तो उसने कहा कि शायद यह पहले से ही बंद था।

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