टूलकिट मामले में कांग्रेस नेताओं को पुलिस का नोटिस
नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के दो नेताओं को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) ने कथित टूलकिट मामले में नोटिस जारी किया है। कांग्रेस अनुसंधान विभाग के अध्यक्ष राजीव गौड़ा और पार्टी के सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष रोहन गुप्ता को 21 मई को विशेष प्रकोष्ठ द्वारा नोटिस दिया गया था और यह वही दिन था, जब ट्विटर इंडिया को भी इसी तरह का नोटिस दिया गया था।
गौड़ा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमें 21 मई को दिल्ली पुलिस से एक नोटिस मिला है और हमने 22 मई को इसका जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इसी तरह की शिकायत दर्ज की गई है और प्रदेश की पुलिस ने वहां एक प्राथमिकी दर्ज की है, इसलिए हम वहां मामले के साथ आगे बढ़ेंगे।
उनकी टिप्पणी विशेष प्रकोष्ठ के अधिकारियों के दक्षिणी दिल्ली के लाडो सराय और हरियाणा के गुरुग्राम में ट्विटर इंडिया के कार्यालयों में नोटिस देने के एक दिन बाद सामने आई है। हालांकि, ट्विटर के कार्यालय बंद पाए गए थे।
भाजपा के खिलाफ फर्जी टूलकिट मामले में कांग्रेस पार्टी के वकील अमन पंवार ने आईएएनएस को बताया, भले ही पहले 18 मई को ही मेरे मुवक्किलों ने फर्जी टूलकिट दस्तावेज फैलाने के लिए भाजपा नेताओं द्वारा की गई जालसाजी के लिए एक विस्तृत शिकायत दर्ज की थी, मगर दिल्ली पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में विफल रही।
पंवार ने कहा कि उसके बाद मेरे मुवक्किलों ने छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया और वहां प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने कहा, अब दिल्ली पुलिस के पास इस मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और हमने उन्हें अपनी शिकायत और सभी दस्तावेज छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करने के लिए लिखित अनुरोध दिया है। कानूनी तौर पर, दिल्ली पुलिस अब इस मामले में कोई जांच नहीं कर सकती है।
सोमवार को, दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा था, दिल्ली पुलिस की टीम नियमित प्रक्रिया के तहत ट्विटर को नोटिस देने के लिए ट्विटर कार्यालय गई थी। इसकी आवश्यकता थी, क्योंकि हम यह पता लगाना चाहते थे कि नोटिस देने के लिए सही व्यक्ति कौन है। यह इसलिए क्योंकि ट्विटर इंडिया के एमडी के जवाब बहुत अस्पष्ट हैं।
दिल्ली पुलिस ने कथित कांग्रेस टूलकिट की प्रारंभिक जांच शुरू की है और मनीष माहेश्वरी को 21 मई को नोटिस दिया था।
