छत्तीसगढ़ पुलिस ने भेजा संबित पात्रा को समन, पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश
रायपुर
बीजेपी की ओर से लगाए गए कांग्रेस पर 'टूलकिट' के आरोप के बाद अब मामला और गरमाता जा रहा है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता संबित पात्रा को भी रायपुर पुलिस ने रविवार शाम 4 बजे सिविल लाइंस थाने में तलब किया है। संबित पात्रा को थाने में व्यक्तिगत या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद होने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। दरअसल, रायपुर के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में रमन सिंह और संबित पात्रा के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी खबरें फैलाने और टूलकिट के जरिए वर्गों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। इधर, पूर्व सीएम रमन सिंह को 24 मई को पूछताछ के लिए उनके आवास पर मौजूद रहने को कहा गया है।
पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या ट्विटर अकाउंट @drramansingh का है और एआईसीसी रिसर्च पर यह दस्तावेज उनका हाथ कैसे आया। कांग्रेस की एनएसयूआई विंग ने रायपुर में टूलकिट मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राष्ट्रीय प्रलक्ता संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, एनएसयूआई ने आरोप लगाया था कि एआईसीसी रिसर्च डिपार्टमेंट लेटरहेड पर गलत इस्तेमाल करते हुए झूठा और मनगढ़ंत कंटेंट छापा गया है।
मालूम हो कि 18 मई मंगलवार को बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कोरोना काल में पीएम मोदी की छवि खराब करने को लेकर कांग्रेस पर एक टूलकिट बनाने का आरोप लगाया था, जिसके तुरंत बाद कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, बीएल संतोष और अन्य नेताओं के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की थी।
