उज्जैन के निलम्भ नलवड़े ने टप्पा शैली में दी शास्त्रीय गायन प्रस्तुति
रायपुर। गुनरसपिया फाउंडेशन की 48 वी संगीत सभा में रविवार को प्रात: 10 बजे से फेसबुक पर उज्जैन के श्री निलाम्भ नलवड़े ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। पंडित सुधाकर देवले एवं स्व प्रभाकर देवले की गंडाबन्ध शागिर्द श्री निलाम्भ नलवड़े जी शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में एक युवा हस्ताक्षर हैं।
श्री निलाम्भ नलवड़े जी ने अपने गायन की शुरूआत राग बैरागी में विलंबित ख्याल – दाता दयानी, ताल -रूपक (भिंडी बाजार घराना ),से किया।उन्होंने इसके बाद मध्यलय ताल त्रिताल में निबद्ध छोटा ख्याल – तेरो ही गुण गाये,की प्रस्तुति दी,उन्होंने लुप्त होती शैली टप्पा 16 मात्रा में टप्पा – लाल वाला जोबन की भी सुंदर प्रस्तुति दी,अंत में उन्होंने राग भैरवी में ताल – पंजाबी में एक तराना-तन देर ना दीम तन देर ना,गाकर तो श्रोताओं को मुग्ध ही कर दिया। श्रोताओं ने खूब लाईक किया और उनके कार्यक्रम में लगातार दाद दी। अब तक गुनरस पिया की सभा में गायन, तबला-वादन, सितार-सरोद-सारंगी-संतूर वादन की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं।
युवा एवं नवोदित कलाकारों को रविवासरीय संगीत सभा के माध्यम से जन जन तक पहुचाने का कार्य संस्था द्वारा अनवरत जारी है।गुनरस पिया फाउंडेशन द्वारा कोरोना काल में देश-विदेश के कलाकारों को फेसबुक के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुति हेतु अवसर दिया जा रहा है।गुनरस पिया फाउंडेशन शास्त्रीय संगीत के संरक्षण एवं प्रचार प्रसार हेतु लगातार कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के संयोजक श्री दीपक व्यास ने यह जानकारी दी।
