ब्लैक फंगस का इंजेक्शन खुले बाजार में नहीं बिकेंगी
लखनऊ
ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली अहम लाइपोसोमल एम्फोटेरीसीन-बी इंजेक्शन व दवाएं खुले बाजार में नहीं बिकेंगी। सरकार ने दवा की बिक्री के नए नियम लागू कर दिए हैं। उप्र मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन ने दवा खरीद की प्रक्रिया चालू कर दी है। कारपोरेशन सीधे कंपनियों से दवा खरीद रहा है। वहीं कंपनियों ने प्राइवेट मेडिकल स्टोर को इंजेक्शन व जरूरी दवाएं देने से मनाकर दिया है। ऐसे में मरीजों के पास सिर्फ दवा खरीदने का एक ही विकल्प बचा है। जो कि काफी जटिल है। इसकी वजह से मरीजों को खासी दिक्कतें हो रही हैं। तीमारदार दवा के लिए अधिकारी व सरकारी दफ्तरों में धक्के खा रहे हैं।
ब्लैक फंगस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं। काफी मरीजों को ऑपरेशन तक की जरूरत पड़ रही है। गंभीर व ऑपरेशन के बाद ब्लैक फंगस मरीजों को लाइपोसोमल एम्फोटेरीसीन-बी इंजेक्शन की डोज देनी पड़ती है। कई मरीजों को दिन में एक बार तो कुछ को दो बार देने की आश्यकता पड़ती है। सामान्य दशा में एक सप्ताह इंजेक्शन की खुराक देनी पड़ती है। बहुत से मरीजों को डॉक्टर इससे अधिक दिनों तक इंजेक्शन की सलाह देते हैं।
