तीसरी लहर: बच्चे कोविड-19 संक्रमण फैला सकते हैं लेकिन प्रभाव हल्का ही होता है: सरकार बोली

 नई दिल्ली 
देश में कोरोना वायरस की रफ्तार जरूर धीमी हो गई है लेकिन कुछ राज्यों में मौत का सिलसिल अभी भी जारी है। देश में ऐसे छह राज्य है जहां पर कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं। इसमें पहले नंबर पर महाराष्ट्र है जहां मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसके साथ-साथ कर्नाटक, तमिलनाडु, यूपी, पंजाब और दिल्ली शामिल है। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश के सात राज्य ऐसे हैं जहां पर 10 हजार से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, छह ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या पांच से दस हजार के बीच में है। उन्होंने कहा कि 18 राज्य ऐसे हैं जहां पॉजिटिविटी 15 फीसदी से अधिक है, जिनमें लगभग सभी राज्यों में पॉजिटिविटी रेट में लगातार कमी दर्ज़ की जा रही है। 5-15 फीसदी पजिटिविटी वाले 14 राज्य हैं। 4 राज्यों में 5 प्रतिशत से कम पॉजिटिविटी है।

 कोरोना की संभावित तीसरी लहर की चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि बच्चे कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन उन पर इसका प्रभाव न्यूनतम है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि यदि बच्चे कोविड से प्रभावित होते हैं, तो या तो उनमें कोई लक्षण नहीं होंगे या कम से कम लक्षण होंगे। उन्हें आम तौर पर अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। शनिवार को भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में 2.57 लाख नए मामले आए हैं। इसी के साथ संक्रमण के रोज आने वाले मामले लगातार छठे दिन तीन लाख से नीचे रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि संक्रमण के नए मामलों के साथ ही देश में कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 26289290 हो गए हैं।देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2923400 रह गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 11.12 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर 87.76 प्रतिशत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *