राजनांदगांव सहकारी बैंक संचालक मंडल भंग होते ही कलेक्टर ने सम्हाला कार्यभार
राजनांदगांव। राजनांदगांव सहकारी बैंक संचालक मंडल को तीन माह पूर्व छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बहाल किया था लेकिन राज्य सरकार ने कल देर शाम एक बार उसे भंग करते हुए राजनांदगांव कलेक्टर टीके वर्मा को बतौर प्रशासक नियुक्त कर दिया और कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण कर लिया। इस पूरे मामले को लेकर संचालक मंडल फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
राजनांदगांव सहकारी बैंक संचालक मंडल भाजपा समर्थित माना जाता है और लिहाजा भंग करने के निर्णय के पीछे राजनीतिक कारण को बताया जा रहा हैं। जिला सहकारी बैंक के संचालक मंडल को पूर्व में करीब दो साल पहले भी राज्य सरकार ने भंग कर दिया था, जिसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। करीब 18 महीने की लंबी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने तीन माह पहले ही मंडल को भंग करने के फैसले को पलट दिया था और राज्य सरकार द्वारा भंग करने के लिए लगाए गए आरोपों को खारिज करते हाईकोर्ट ने संचालक मंडल के पक्ष में फैसला दिया था। इस फैसले के बाद अध्यक्ष सचिन बघेल ने संचालक मंडल समेत पदभार ग्रहण कर लिया था।
लेकिन कल देर शाम राज्य सरकार ने संचालक मंडल को भंग करते हुए बैंक की प्रशासनिक व्यवस्था को सम्हालने के लिए राजनांदगांव कलेक्टर टीके वर्मा को बतौर प्रशासक कार्यभार सम्हालने का आदेश दिया और आदेश मिलने के बाद शाम को ही कलेक्टर ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस संबंध में बैंक अध्यक्ष सचिन बघेल ने बताया कि पूर्व में लगाए गए आरोपों को फिर आधार बनाकर सरकार ने मंडल को भंग किया है। अदालत में इस फैसले को चुनौती दी जाएगी और जल्द ही संचालक मंडल अपना पक्ष रखकर फैसले को रद्द करने की मांग हाईकोर्ट से करेंगे।
