देवजी भाई पटेल आपने चेक गलत पते पर भेज दिया है..जवाब भेजा गया
रायपुर। कोरोनाकाल में आम लोग चाहे जितनी परेशानी का सामना कर रहे हों लेकिन राजनीतिक दल के लोग अपना टीआरपी बढ़ाने में कहीं पर भी नहीं चूक रहे हैं। यह किसी एक दल की नहीं बल्कि सभी दल के लोग ऐसा कर रहे हैं। इससे भला किसका हो रहा है यह तो वही जाने लेकिन वे सब भी स्वस्थ रहें और जैसा भी हों सूबे में संक्रमित व परेशान लोगों की मदद करें व सुविधा मुहैया करायें। कोरोना महामारी ने एक बड़ा सबक दिया है। इस बीच एक नया वाकया राजधानी में इन दिनों चर्चा में बना हुआ है पूर्व विधायक ने 25 सौ का चेक सीएम हाउस भेजा गया,वहां से जवाब भेज दिया गया कि चेक गलत पते पर पहुंच गया है इसे प्रधानमंत्री अथवा गृहमंत्री को भेजें।
गौरतलतब है कि भाजपा के पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के पते पर 2500 रुपए का चेक भेजा था। उसके साथ लिखे पत्र में उन्होंने कहा था, अनियंत्रित कोविड-19 से वेंटिलेटर पर पड़ी राज्य सरकार की दुखद मृत्यु हो गई है। अंतिम संस्कार के लिए अपनी ओर से वे 2500 रुपया दे रहे हैं। अब पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से जवाब भेजा गया है कि आपने चेक गलत पते पर भेज दिया। इसे प्रधानमंत्री जी अथवा गृहमंत्री जी को भेजें।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिखा, प्रिय देवजी भाई पटेल जी! आपकी सूचना गलत है। राज्य सरकार ने कोई कानून कोरोना के लिए नहीं बनाया है। दूसरे राज्यों की तरह हम भी आपदा प्रबंधन कानून के तहत केंद्र के आदेशों का पालन कर रहे हैं। आपने पत्र और धनराशि गलत पते पर भेजा है। इसे प्रधानमंत्री जी अथवा गृहमंत्री जी को भेजें। मुख्यमंत्री देवजी भाई पटेल के 12 मई को भेजे पत्र और 2500 रुपए के चेक की बात कर रहे थे।
यहां बताना जरूरी होगा कि चेक के साथ भेजे गए पत्र में देवजी भाई ने लिखा था, सर्वविदित है कि प्रदेश में फैले अनियंत्रित कोविड-19 से वेंटिलेटर में पड़ी छत्तीसगढ़ सरकार की दुखद मृत्यु हो गई है। छत्तीसगढ़ का जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपकी सरकार द्वारा बनाए निष्ठुर कानून को समाहित करते हुए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के अंतिम संस्कार के लिए 2500 रुपए का चेक सौंपने खुद आना चाहता था। पता चला है कि मुख्यमंत्री तो नेता प्रतिपक्ष और मुख्य विपक्षी दल के अध्यक्ष को भी मिलने का समय नहीं देते तो मुझ सामान्य नागरिक से कौन मिलेगा। ऐसे में चेक पत्र व्यवहार के जरिए भेज रहा हूं। सियासी गलियारे में यह पत्र व्यवहार चर्चा में बना हुआ है।
