कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या है नीतीश सरकार की तैयारी? 

पटना 
कोरोना की पहली व दूसरी लहर की परेशानियों व अनुभवों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग संभावित तीसरी लहर से निबटने को संसाधनों जुटाने में लगा है। अलग-अलग सभी स्तरों पर कार्रवाई शुरू की गई है। दूसरी लहर में गंभीर मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, दवा, डॉक्टरों व कर्मियों की कमी, परिवहन आदि की परेशानी हुई है। ये परेशानियां तीसरी लहर में न हो, इस पर विभाग काम कर रहा है। इलाज के लिए 40 हजार बेड की पहल शुरू हो गई है। फिलहाल कोविड केयर सेंटर (सीसीसी), डेडिकेटेड कोविड हेल्थकेयर सेंटर (डीसीएचसी) और डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल (डीसीएच) में 30,343 बेड हंै। जबकि 27,636 बेड का उपयोग हो रहा था।

500 नए वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे
बिहार में अभी 900 वेंटिलेटर हैं। इनमें से करीब 250 से अधिक का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इनके उपयोग को लेकर मानव संसाधन बढ़ाने और 500 नए वेंटिलेटर की खरीद की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। 

ऑक्सीजन युक्त बेड भी बढ़ाये जाएंगे
सूबे में सीसीसी में 2840 बेड ऑक्सीजन युक्त हैं, जबकि डीसीएचसी में 4365 बेड ऑक्सीजन युक्त तो डीसीएच में 3041 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में 3150 ऑक्सीजन बेड हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर और सिलेंडर की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है। 

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