ब्लेक फंगसग्रस्त मरीज की पत्नी बोली- पति को तिल-तिल मरते नहीं देख सकती, इंजेक्शन नहीं मिला तो दे दूंगी जान
इंदौर। मध्यप्रदेश में कोरोना के कहर के बीच ब्लैक फंगस बीमारी के मरीज भी तेजी से सामने आ रहे हैं। इंदौर शहर में ब्लैक फंगस से पीड़ित एक मरीज की पत्नी ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मदद की गुहार लगाई है। मरीज की पत्नी ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर, स्वास्थ्य मंत्री व सीएम से गुहार लगाई है कि पति के इलाज के लिए इंजेक्शन मुहैया कराएं। इतना ही नहीं महिला ने कहा है कि वो अपने पति को तिल-तिल मरते नहीं देख सकती। अगर इंजेक्शन का व्यवस्था नहीं हुई तो वो अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या कर लेगी।
कलेक्टर महोदय, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री जी… मैं अपने पति को तिल-तिल मरता हुआ नहीं देखा सकती। इंजेक्शन नहीं मिलने से वे दर्द से तड़प रहे हैं। यदि इंजेक्शन नहीं मिला तो मैं अस्पताल की छत से कूद कर जान दे दूंगी। न अस्पताल में न ही बाहर, कहीं भी इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। बहुत खराब हालत है। इंजेक्शन नहीं मिलने से पति की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। आपके लिए जो 10-12-24 घंटे सिर्फ समय है, लेकिन हमारे लिए वह जिंदगी और मौत है। यह दर्द है। धामनोद की रहने वाली ममता मंडलोई का।
ममता के 40 वर्षीय पति म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) का शिकार हो गए हैं और बांबे हॉस्पिटल में भर्ती हैं। एंटी फंगल इंजेक्शन एम्फोटिरिन-बी नहीं मिलने से उनका सही इलाज नहीं हो पा रहा है। ममता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया है। वीडियो के जरिए उसने जिम्मेदारों से कई सवाल किए हैं। साथ ही वर्तमान हालत को भी बताया है।
वीडियो में ममता ने यह कहा…
यह वीडियो इंदौर प्रशासन के लिए है। कलेक्टर, स्वास्थ्य मंत्री और माननीय मुख्यमंत्री जी! हम अस्पताल में भर्ती हैं, ब्लैक फंगस के इलाज के लिए। हमें इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। बहुत खराब हालत है। यहां किसी भी तरह का कोई इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। जैसा आपने एक परिपत्र जारी किया था कि इंजेक्शन सीधे अस्पतालों को उपलब्ध करवाए जाएंगे, लेकिन पिछले कुछ दिनों ने वह भी उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। अस्पताल के बिल के साथ-साथ हम बाहर भी भटक रहे हैं। हर चीज की व्यवस्था हमें ही करना पड़ रही है। हमारे मरीज की दिन-ब-दिन हालत खराब होती जा रही है। आपके लिए 10-12 घंटे, 24 घंटे एक समय होता है, लेकिन हमारे लिए वह जिंदगी और मौत होती है। किसी भी वक्त शरीर के किसी भी अंग पर फंगस अपना प्रभाव डाल सकता है। वह आंख में है फिर दिमाग है। कुछ भी असर हो सकता है। आंख जा सकती है। दिमाग को फंगस खा सकता है, जिससे बॉडी पैरालाइज हो सकती है। आप मामले की गंभीरता को समझें और जितना जल्दी हो सके, अस्पतालों में इंजेक्शन उपलब्ध करवाएं। ताकि मरीज की जान बच सके। हमारा मरीज जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहा है। आपके लिए समय की कीमत कुछ और होगी, लेकिन हमारे लिए समय की कीमत जिंदगी और मौत। आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि जितनी जल्दी हो सके, अस्पताल को इंजेक्शन उपलब्ध करवाएं।
