53 हजार गांवों में बनी क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी

भोपाल
कोरोना संक्रमितों की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बढ़ने पर अब सरकार का फोकस ग्रामीण इलाकों में है। इसके लिए सरकार ने क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी (सीएमसी) के गठन के बाद इसमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी बढ़ाई है और कहा है कि उन्हें लोगों को जागरुक कर मुख्यमंत्री के पांच मंत्रों पर अमल कराना है ताकि कोरोना संक्रमण को काबू में किया जा सके। इसके लिए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव समेत अन्य अधिकारियों ने पूर्व से की गई व्यवस्था में मानीटरिंग तेज कर दी है। आज भी इसको लेकर प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर हालातों की जानकारी ली और उसे नियंत्रित करने के लिए गाइडलाइन के आधार पर निर्देश दिए।
प्रदेश के ग्रामीण अंचल में संभावित कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी लाने के लिए विभाग ने पंचायत अमले के साथ ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवाओं में और भी अधिक कसावट लाने का काम शुरू कर दिया है। मौजूदा दौर में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में संभावित कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 लाख 44 हजार तक पहुंच गई है। इन्हें कोरोना मुक्त करने और ग्रामीण इलाकों में गंभीर संक्रमण रोकने के लिए जनपद सीईओ और पंचायत राज के अफसर जिलों से रिपोर्ट ले रहे हैं। इशके लिए पांच सदस्यीय टीम पहले ही पंचायत स्तर पर बनाई गई थी। इसके बाद सीएम के निर्देश पर ग्राम स्तर पर क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी बनाने का काम किया जा रहा है और अब तक 53 हजार से अधिक गांवों में कमेटी का गठन किया जाकर नोटिफिकेशन हो चुका है। करीब तीन हजार गांवों में इसकी प्रक्रिया चल रही है। इन कमेटियों से कहा गया है कि कोरोना के मरीजों का सर्वे, पहचान, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन का काम कराने के लिए वे युद्धस्तर पर काम करें ताकि लोगों को संक्रमण से बचाने के प्रयास में सफलता मिले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *