कोरोनाकाल में अभिभावकों को खो चुके बच्चों को हर महीने मिलेगी 5000 रुपए पेंशन

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोनाकाल में प्रभावित परिवारों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि ऐसे बच्चे जिनके परिवार से पिता का साया उठ गया, कोई कमाने वाला नहीं बचा, उन्हें 5,000 रुपए प्रति माह पेंशन दी जाएगी। ऐसे सभी बच्चों की शिक्षा का निशुल्क प्रबंध किया जाएगा ताकि वे अपनी पढ़ाई लिखाई जारी रख सकें।

चौहान ने कहा, “पात्रता न होने के बावजूद भी ऐसे परिवारों को मुफ्त राशन दिया जाएगा। अगर इन परिवारों में कोई सदस्य ऐसा है या पति नहीं रहे तो उनकी पत्नी काम धंधा करना चाहे तो उनको सरकार की गारंटी पर बिना ब्याज का कर्ज काम धंधे के लिए दिया जाएगा।”

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों को बताया नरपिशाच: इससे पहले बुधवार को ही सीएम शिवराज ने कहा था कि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के मामले में गुजरात पुलिस द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किये गये लोगों पर मध्य प्रदेश में मुकदमा चलाया जाए, क्योंकि इंजेक्शन हमारे राज्य में बेचे गये हैं।

राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चौहान ने कहा, ‘‘नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का धंधा करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। ऐसे मामलों में विशेषज्ञों से परामर्श लेकर गहराई से जांच की जाये, ताकि ऐसे मामलों में लिप्त नरपिशाच किसी भी कीमत पर बचने न पायें।’’

कालाबाजारी करने वालों पर मध्य प्रदेश में चले मुकदमा: उन्होंने कहा, ‘‘नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन का धंधा करने वालों पर गंभीर मामला बनता है। असली इंजेक्शन लगता तो शायद लोगों को बचाया जा सकता था, लेकिन नकली के कारण जान गई हो।’’ चौहान ने कहा, ‘‘यह तो हत्या का मामला है। अत: मध्य प्रदेश पुलिस को उन्हें गुजरात से उठाकर लाना चाहिए, क्योंकि नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन तो मध्य प्रदेश में बेचे गये हैं।’’ उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘‘नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने वालों पर मध्य प्रदेश में मुकदमा चलाएं।’’

गौरतलब है कि गुजरात पुलिस ने पिछले दिनों सूरत में नमक और ग्लूकोज के पानी से नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़े पाए गए हैं।

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