सीमा पार जंग में अब तक 43 लोग मारे गए, 2014 की जंग से भी खतरनाक हालात

येरूशलम/गाजा
गत शुक्रवार से येरूशलम के अल-अक्सा मस्जिद कंपाउंड से इस्राइल पुलिस व फलस्तीनियों में शुरू हिंसा, गाजा सीमा पर खूनी संघर्ष में बदल चुकी है। इस जंग में अब तक 43 लोग मारे गए हैं जिनमें 13 बच्चे व तीन महिलाएं शामिल हैं। हमले में क्षेत्र के करीब 300 फलस्तीनी जख्मी हुए हैं।

इस्राइल-गाजा में 2014 के 50 दिन चली जंग के बाद पहली बार एक-दूसरे पर हजारों रॉकेट दागे गए। देश में गृहयुद्ध के हालात देखते हुए इस्राइल के लॉड शहर में आपातकाल लगा दिया गया है।

इस्राइली सेना के मुताबिक, गाजा से अब तक 1,050 से ज्यादा रॉकेट दागे गए हैं। इनमें से कई कई को देश की हवाई रक्षा प्रणाली ने ध्वस्त कर दिया है। इस्राइल ने गाजा पर कई रॉकेट दागे और हवाई हमले किए। हमास ने 300 रॉकेट दागने की पुष्टि की है।

हमास ने कहा कि उसने तेल अवीव और आसपास की रिहाइशी इमारतों पर रॉकेट दागे। हमलों में इस्राइल की 3 महिलाओं समेत 5 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए।

इस दौरान इस्राइल के तीन धर्मस्थलों और कई दुकानों को आग लगाने की खबरें द टाइम्स ऑफ इस्राइल अखबार ने प्रकाशित की हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहन भी आग के हवाले कर दिए। इस बीच, लॉड शहर में इस्राइल व फलस्तीन अरबों के बीच गृहयुद्ध के हालात देखते हुए पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने आपातकाल की घोषणा कर दी।

वहीं, व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बात की है और इस्राइल के लोगों की रक्षा के लिए उन्हें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

एक तरफ इस्राइल और हमास के बीच गाजा पट्टी क्षेत्र में जंग जैसे हालात बन गए हैं और दूसरी तरफ येरूशलम में धार्मिक तनाव से पैदा हुए हिंसा के बीच इस्राइली शहरों में फलस्तीन-अरब के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।

गाजा में दिन भर इस्राइली हवाई हमलों की आवाज सुनी गई और जिन इमारतों को निशाना बनाया गया, वहां से धुएं का गुबार उठता देखा गया। जबकि एक इस्राइली-अरब व्यक्ति के जनाजे के बाद लॉड शहर में शुरू हुए प्रदर्शन झड़प में बदल गए जिसमें 12 लोग घायल हो गए। यहां कई उपासना स्थलों और दुकानों व दफ्तरों को जला दिया गया। कई शहरों में यहूदियों ने प्रदर्शनकारियों पर पत्थर बरसाए।

इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास और छोटे इस्लामी जिहादी कट्टरपंथी गुट ‘हमास’ ने पिछले कई सालों में पहली बार येरूशलम पर हमला कर हदें तोड़ दी हैं और वे अपनी आक्रामकता के लिए भारी कीमत चुकाएंगे।

उधर, देश के रक्षामंत्री बैनी गैंट्ज ने कहा है कि इस्राइल द्वारा किए गए हमले सिर्फ एक शुरुआत हैं और ये हमले आगे भी जारी रहेंगे। दूसरी तरफ हमास के नेता इस्माइल हानिया ने कहा है कि इस्राइल यदि मामले को आगे बढ़ाना चाहता है तो हम भी तैयार हैं और यदि वह रुकना चाहता है तो भी हम तैयार हैं।

इस्राइल को लेकर इस्लामी देशों में भी हलचल तेज हो गई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस्राइल की निंदा करते हुए कहा, इस्राइली बलों ने अल-अक्सा मस्जिद की पवित्रता न कर नमाजियों पर खुला हमला किया है।

सऊदी ने कहा, हम फलस्तीनियों के साथ हैं और तनाव का जिम्मेदार इस्राइल है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने इस टकराव के लिए इस्राइली सुरक्षा बलों की निंदा की। लीग ने कहा, यह फलस्तीनियों के हक व उनकी मर्यादा पर हमला है। उधर, तुर्की के राष्ट्रपति रैचेप तैय्यप एर्दोगॉन ने अल-अक्सा मस्जिद में हुई झड़पों को लेकर कई इस्लामी देशों के प्रमुखों को फोन किया है।

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