स्वाथ्य विभाग का के एम हॉस्पिटल पर छापा
ग्वालियर
शिवराज सरकार ने आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए निजी अस्पतालों में कोरोना के मुफ्त इलाज की घोषणा की है लेकिन ग्वालियर के कुछ अस्पताल सरकार के इस आदेश को नहीं मान रहे। वे आयुष्मान कार्ड धारक से भी इलाज के बदले मोटी रकम वसूल रहे हैं। एक मरीज की ऐसी ही शिकायत पर स्वाथ्य विभाग की टीम ने के एम हॉस्पिटल पर छापामार कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निजी अस्पतालों को आयुष्मान कार्ड धारकों के कोरोना का मुफ्त इलाज करने के निर्देश दिए हैं बावजूद इसके कुछ अस्पताल सरकार के इस आदेश को नहीं मान रहे। ग्वालियर में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। एक मरीज ने सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत की कि उसके पास आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी अस्पताल ने उसका मुफ्त में इलाज नहीं किया बल्कि मोटी रकम ले ली।
मरीज की शिकायत के बाद सीएमएचओ ऑफिस ) ने के एम हॉस्पिटल पर छापामार कार्रवाई की। सीएमएचओ कार्यालय से गए स्टाफ ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। उधर के एम हॉस्पिटल के एमडी सतीश कुमार धाकड़ ने कहा कि रात को एक मरीज भर्ती हुआ था उस पर आयुष्मान कार्ड था लेकिन जहाँ तक आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज की बात है तो हमारे पास किसी तरह का लिखित आदेश नहीं है केवल ग्रुप में ही जानकारी मिली थी। मैं सीएमएचओ ऑफिस पता लगाने ही जा रहा था तब तक सीएमएचओ की टीम ही आ गई।
