MP में 94 आॅक्सीजन प्लांटो को मंजूरी, ACS मलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में तीन IAS ने संभाला मोर्चा

भोपाल
मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच संक्रमित मरीजों के लिए आॅक्सीजन की मांग भी बढ़ी है। इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में 3 आईएएस अफसरों ने मोर्चा संभाला है। वे रोजाना मॉनिटरिंग कर अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश में 490 टन तक आॅक्सीजन बुलवा रहे हैं, वहीं राज्य सरकार ने प्रदेश में आॅक्सीजन का उत्पादन बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में 94 आॅक्सीजन प्लांटो को मंजूरी दी है, इनमें से कई में उत्पादन प्रारंभ हो गया है।

बाहरी राज्यों से आने वाली आॅक्सीजन की मॉनिटरिंग करने के लिए बनाई गई टीम में अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव के अलावा नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन पी नरहरि और सचिव एमएसएमई विवेक पोरवाल भी शामिल है।

मध्यप्रदेश में रोजाना राउरकेला, भिलाई ,जामनगर ,मोदीनगर के रास्ते से मध्यप्रदेश में आॅक्सीजन आ रही है। जो खाली आॅक्सीजन सिलेंडर हैं उन्हें एरोप्लेन और सेना के एरोप्लेन के जरिए सप्लाई प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। बोकारो से रोजाना 6 टैंकर चल रहे हैं, जो रेलवे रैक के जरिए ग्वालियर ,सागर के पास खाली कराए जाते हैं। कुछ टैंकर भोपाल लाए जाते हैं खाली टैंकरों को रांची  एअरलिफ्ट कर भेजा जा रहा है।

ग्वालियर में एयरफोर्स के विमान से भी खाली सिलेंडर बाहर भेजे जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव का कहना है कि अब सरकार का पूरा फोकस आॅक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाना है। वर्तमान में रोजाना 480 से 490 टन आॅक्सीजन अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में आ रही है। इसकी मात्रा धीरे-धीरे और बढ़ाई जा रही है। आॅक्सीजन के टैंकर मध्य प्रदेश तक आसानी से पहुंच सके इसके लिए जगह-जगह टीमें भी तैनात की गई हैं। जो इन टैंकरों को निर्बाध गति से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मददगार साबित हो रहे हैं।

स्वीकृत आॅक्सीजन प्लांट में से 8 प्लांट भारत सरकार द्वारा एयरोक्स एन्ड एब्स्टीम कंपनी के माध्यम से खंडवा, शिवपुरी,  सिवनी, उज्जैन, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम तथा मुरैना जिले में लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सहायता कोष से सीएसआईआर गैसकौन कंपनी के माध्यम से 5 प्लांट भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा तथा शहडोल जिलों में लगाए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा 23 प्लांट ऐरोक्स टेक कंपनी के माध्यम से सागर, सीहोर, विदिशा, गुना, सतना, रायसेन, बालाघाट, खरगोन, कटनी, बड़वानी, नरसिंहपुर, बैतूल, राजगढ़ भोपाल (काटजू), देवास, धार, मंडला, होशंगाबाद, पन्ना, दमोह, छतरपुर, सीधी तथा भिंड जिले में लगाए जा रहे हैं।

राज्य सरकार द्वारा एब्स्टीम टेक कंपनी के माध्यम से 15 प्लांट उमरिया, शाजापुर, नीमच, झाबुआ, सिंगरौली, टीकमगढ़, अशोक नगर, बुरहानपुर, अनूपपुर, श्योपुर, डिंडोरी, अलीराजपुर, आगर, निवाड़ी तथा हरदा जिलों में लगाए जा रहे हैं। सीएम रिलीफ फंड से 8 प्लांट डीआरडीओ ट्राइडेंट कंपनी के माध्यम से बालाघाट, छिंदवाड़ा, दतिया, जबलपुर, बड़वानी, शहडोल, सतना तथा भोपाल जिलों में लगाए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा 4 प्लांट निटरोक्स  कंपनी मालनपुर के माध्यम से नसरुल्लागंज (सीहोर), इटारसी (होशंगाबाद) रहटी (सीहोर) तथा ब्यावरा (राजगढ़) में लगाए जा रहे हैं।

इसी प्रकार 20 प्लांट भारत सरकार द्वारा हाइट्स कंपनी के माध्यम से तहसील स्तरों पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैनपुर, परासी, पुष्पराजगढ़, मुंगावली, साडोरा, पानसेमल, राजपुर, सेंधवा, बारा सिवनी, मुलताई, अटेर, रोन, बेरसिया, गांधी नगर, कोलार, पांडूरणा, अमरवाड़ा, हटा, हिंडोरिया तथा सेंधवा में लगाए जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा सीएसआर फंड से पेट्रोलियम मंत्रालय के माध्यम से 11 प्लांट देवास, धार, मंडला होशंगाबाद, पन्ना, दमोह, छतरपुर, सीधी, भिंड राजगढ़ तथा शाजापुर जिलों में लगाए जा रहे हैं।

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