हाईकोर्ट से नोटिस मिलते ही एडीपीओ को मिल गई पदोन्नति

बिलासपुर
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) को पदोन्नति नहीं दी गई। इस मामले में दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट से गृह सचिव को नोटिस जारी होते ही याचिकाकर्ता को पदोन्नति दे दी गई।

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर की थी। इसमें बताया गया कि पूर्व में हाईकोर्ट ने एडीपीओ पद के लिए 40 वर्ष की आयु के बंधन को अवैधानिक मानकर समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पदोन्न्त करने का भी आदेश दिया। लेकिन विभागीय अफसरों ने हाईकोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं किया। इसके चलते याचिकाकर्ता को न्यायालय की अवमानना याचिका दायर करना पड़ा। याचिका में बताया गया कि शासन ने छत्तीसगढ़ लोक अभियोजन भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2008 के तहत सहायक ग्रेड 3 से सहायक लोक अभियोजन अधिकारी बनने का प्रावधान किया है। इसमें यह शर्त जोड़ दी गई कि 40 वर्ष से कम उम्र वाले सहायक ग्रेड 3 ही इसकी पात्रता रखते हैं। इस नियम की वजह से याचिकाकर्ता को पदोन्नति से वंचित होना पड़ा। जबकि, उनके साथ काम करने व ऐसे जूनियर कर्मचारी जिनकी आयु 40 साल से कम हैं, उन्हें पदोन्नति दे दी गई।

इस मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने 40 साल आयु सीमा निर्धारित करने के प्रविधान को समाप्त कर दिया। साथ ही याचिकाकर्ता को पदोन्न्ति का लाभ देने का आदेश दिया गया। कोर्ट के आदेश के बाद भी याचिकाकर्ता को पदोन्नति नहीं देने पर अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने गृह सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इस बीच कोर्ट से नोटिस जारी होते ही याचिकाकर्ता को मार्च में पदोन्न्ति दे दी गई। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है।

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