म्यांमार में हिरासत में बंद नेताओं की रिहाई और हिंसा खत्म करने की मांग करते रहेंगे: टीएस तिरुमूर्ति
संयुक्त राष्ट्र
भारत ने म्यांमार में जारी हिंसा को रोकने और सभी पक्षों से संयम बरतने के आग्रह वाले दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) की पहल का स्वागत किया है। भारत ने म्यांमार में हिरासत में लिए गए नेताओं को एक बार फिर रिहा करने की अपील की।
आसियान की पांच-सूत्रीय सर्वसम्मति में कहा गया है कि म्यांमार में हिंसा पर तत्काल अंकुश लगाया जाएगा और सभी दल अत्यंत संयम बरतेंगे। संबंधित सभी पक्षों के बीच रचनात्मक संवाद लोगों के हित में एक शांतिपूर्ण समाधान की तलाश शुरू करेगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की शुक्रवार को म्यांमार के संबंध में आयोजित बैठक में भारत का रुख सामने आ गया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने परिषद की बैठक के बाद ट्वीट कर कहा कि भारत आसियान की पहल और पांच बिंदुओं पर बनी सर्वसम्मति का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि भारत आसियान प्रयासों को मजबूत करेगा और सुरक्षा परिषद एवं संयुक्त राष्ट्र को उसके प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत हिरासत में बंद नेताओं को रिहा करने और हिंसा समाप्त करने पर जोर देता रहेगा। स्थिति पर नई दिल्ली का रुख लगातार समान बना हुआ है।
म्यांमार की सेना ने एक फरवरी को आंग सान सूकी के नेतृत्व वाली निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंकने के बाद सत्ता पर कब्जा कर देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। सेना ने शासन को एक साल के लिए अपने नियंत्रण में लेते हुए सूकी समेत प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में ले लिया है। जुंटा के कब्जे में अब भी लगभग 3400 लोग हैं,अनुमान है कि सूकी भी उनमें से एक हैं।
