प्रेग्नेंट नर्स की मौत के बाद स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने खोला मोर्चा
बेमेतरा। साजा ब्लॉक की 8 माह की प्रेग्नेंट मृतक नर्स दुलारी ढीमर कोरोना मरीजों का इलाज रही थी और अचानक ही वह इसकी चपेट में आ गई और इलाज के अभाव में जैसे-तैसे 24 अप्रैल की दोपहर को वह एम्स रायपुर पहुंंची और शाम को ही उसने दम तोड़ दिया। इससे नाराज बेमेतरा स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने बेमेतरा सीएमएचओ और बीएमओ को पांच सूत्रीय विभागीय लापरवाही को लेक पत्र लिखा है और 5 दिनों के अंदर दोषियों पर कार्रवाई नहीं किया जाता है तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और मृतक नर्स दुलारी को न्याय दिलाएंगे।
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के संभाग अध्यक्ष सुरेश पटेल ने इसके लिए संभागीय संयुक्त संचालक को चिठ्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि साजा ब्लॉक की मृतक नर्स दुलारी ढीमर जिनके साथ शासन प्रशासन के नियमों को दर किनार करते हुए अधिकारियों के द्वारा घोर लापरवाही से ड्यूटी लगाया गया, लेकिन कोरोना संक्रमित होने के बाद उचित इलाज के अभाव में मौत हो गई। इसके अलावा संगठन ने पांच जवाब शासन-प्रशासन से मांगे हैं। जिनमें दुलारी ढीमर को 8 माह गर्भावस्था में मातृत्व अवकाश आवेदन लगाने के बाद क्यों नहीं दिया गया। कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद गर्भवती महिलाओं के लिए उच्चाधिकारियों द्वारा उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई। कोविड-19 में शासन प्रशासन के नियमानुसार गर्भवती माता को ड्यूटी में छूट क्यों नहीं दिया गया। निधन के बाद 50 लाख की बीमा राशि हेतु क्या कार्रवाई की गई और जिला अस्पताल बेमेतरा में परिजनों को रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था करने क्यों कहा गया। इन सभी मांगों को पांच दिनों के अंदर उचित कार्रवाई करें, नहीं तो कर्मचारी संघ आगे मानवाधिकार हनन व उचित प्रबंधन न करने को लेकर उच्च न्यायालय जाने बाध्य होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
