सरकार ने कोरोना काल में हेल्थलाइन वर्कर्स को दी राहत, बीमा योजना 6 महीने के लिए बढ़ी

नई दिल्ली
सरकार ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने में लगाए गए फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के लिए विशेष रूप से शुरू की गई बीमा योजना को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विभिन्न अधिकार संपन्न समूहों के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक की। एक बयान के मुताबिक मोदी ने अधिकारियों से यह पता लगाने के लिए कहा कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर दबाव कम करने के लिए सिविल सोसाइटी के स्वयंसेवकों का उपयोग किस तरह किया जा सकता है। गौरतलब है कि सरकार कोविड-19 के रोकथाम के लिए अपने उपायों को तेज करना चाहती है। मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसके दौरान विभिन्न अधिकार प्राप्त समूहों के कामकाज की समीक्षा की गई। ये अधिकार प्राप्त समूह कोविड राहत के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं।’ बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि एनजीओ मरीजों, उनके आश्रितों और स्वास्थ्य सेवा कर्चमारिचों के बीच कड़ी बन सकते हैं, जबकि घर में अलग रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे लोगों की मदद के लिए पूर्व कर्मचारी कॉल सेंटर के जरिए मदद कर सकते हैं।

मुफ्त खाद्यान्न योजना
बयान के मुताबिक मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों के साथ तालमेल बनाकर काम करना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गरीबों को बिना किसी परेशानी के मुफ्त खाद्यान्न योजना का लाभ मिले। प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबित बीमा दावों के निपटान में तेजी लाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि मृतक के आश्रित को समय से राहत मिल सके। आर्थिक और कल्याण उपायों पर अधिकार प्राप्त समूह ने मोदी के समक्ष प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्ना योजना को बढ़ाने जैसे उपायों पर एक प्रस्तुति दी, जिसके तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को मई और जून में मुफ्त राशन दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ पहल से लोगों को काफी फायदा मिला है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *