आॅनलाइन रविवासरीय संगीत सभा में जमशेदपुर की नूपुर ने दी शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति

रायपुर
पिछले साल कोरोना के दौर में शुरू हुआ आॅनलाइन शास्त्रीय संगीत का सिलसिला लगातार 42वें सप्ताह भी जारी रहा। रविवार को गुनरस पिया संगीत सभा में जमशेदपुर की कलाकार नूपुर गोस्वामी ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। प्रख्यात संगीत गुरु राधारानी गोस्वामी, अजय सिंग चौधरी, स्व. चंद्रकांत आप्टे एवं पद्मभूषण पंडित अजय चक्रवर्ती की शागिर्द नूपुर गोस्वामी झारखंड क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है।

अपने गायन की शुरूआत राग गुनकली में विलंबित एकताल में निबद्ध बड़े ख़्याल ले गयो अक्रूर गोकुल से मथुरा के नंदलाल को' से की। उन्होंने इसके बाद मध्यलय तीनताल में बन बन ढूंढ क्यों बनते बिहाली, मन में सदा रहत बनमाली' की सुंदर प्रस्तुति के बाद द्रुत एकताल में निबद्ध तराना-देरेना देरेना, तनन तोम की प्रस्तुती दीं। उनके द्वारा गाई गई सभी रचनाएं उनकी माता संध्यारानी गोस्वामी की थीं। तबले पर प्रणब चक्रबर्ती ने एवं स्वर मंडल पर अंकिता भट्टाचार्या ने बखूबी संगत दी। श्रोताओं ने उनके कार्यक्रम में लगातार दाद दी। संयोजक दीपक व्यास ने बताया कि अब तक गुनरस पिया की सभा में गायन, तबला वादन, सितार, सरोद, सारंगी, संतूर वादन की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं।

युवा एवं नवोदित कलाकारों को रविवासरीय संगीत सभा के माध्यम से जन जन तक पहुचाने का कार्य संस्था द्वारा अनवरत जारी है। गुनरस पिया फाउंडेशन द्वारा कोरोना काल में देश-विदेश के कलाकारों को फेसबुक के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुति हेतु अवसर दिया जा रहा है। गुनरस पिया फाउंडेशन शास्त्रीय संगीत के संरक्षण एवं प्रचार प्रसार के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

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