आजाद हुए CRPF जवान राकेश्वर सिंह मनहास
बीजापुर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गत शनिवार (3 अप्रैल) को सुरक्षा बलों पर हुए नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे जबकि 32 घायल हैं। इस हमले में नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मनहास को भी अगवा कर लिया था। अब खबर आ रही है कि नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मनहास को आजाद कर दिया है। गुरुवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा कि शनिवार को हुए घातक मुठभेड़ के बाद नक्सलियों द्वारा अपहरण सीआरपीएफ जवान को रिहा कर दिया गया है। बता दें कि मुठभेड़ के बाद राकेश्वर सिंह मनहास के बारे में माओवादियों ने दावा किया था कि वो उनके कब्जे में हैं। माओवादियों के चंगुल में 100 से अधिक घंटे बिताने के बाद सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह मनहास की रिहाई से उनके परिवार को जैसे नया जीवन मिला है।
6 दिन बाद जवान की रिहाई
नक्सलियों ने 6 दिन बाद सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय मध्यस्ता टीम के सदस्य पद्मश्री धर्मपाल सैनी, गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया समेत सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में कोबरा जवान को रिहा किया है. जवान की रिहाई के लिए मध्यस्ता कराने गई टीम अब जवान को लेकर बासागुड़ा स्थित सीआरपीएफ कैंप लौट रही है.
परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं
रिहाई की खबर से जवान के परिवार में खुशी का माहौल है. उनकी पत्नी मीनू मन्हास ने बताया, 'मैं भगवान, केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार का, मीडिया और सेना का धन्यवाद करती हूं. आज मेरी जिंदगी में सबसे खुशी का दिन है.' वहीं जवान की मां कुत्नी देवी ने कहा, 'हम बहुत ज्यादा खुश हैं. जो हमारे बेटे को छोड़ रहे हैं उनका भी धन्यवाद करती हूं. जब सरकार की बात हो रही थी तो मुझे थोड़ा भरोसा तो था परन्तु विश्वास नहीं हो रहा था.'
नक्सली हमले में 22 जवान हुए थे शहीद
गौरतलब है कि 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें 22 जवान शहीद हो गए और 31 जवान घायल हुए थे. इसके साथ ही 1 जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता हो गए थे. इसके बाद नक्सलियों ने एक स्थानीय पत्रकार को फोन कर कहा, 'एक जवान उनकी गिरफ्त में है. उसे गोली लगी है. हम उसे मेडिकल ट्रीटमेंट दे रहे हैं.' हालांकि अब जवान को रिहा करा लिया गया है.
राकेश्वर की आजादी की खबर सुन उनकी पत्नी मीनू ने कहा, 'आज मेरे जीवन का सबसे खुशी का दिन है। मैं हमेशा उनकी वापसी को लेकर आशान्वित रही। मैं सरकार को धन्यवाद देता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'नक्सलियों द्वारा पति के अपहरण वाले दिन बहुत बुरे थे, लेकिन मैं हिम्मत नहीं हारी उम्मदी रखी कि वो आ जाएंगे। हालांकि सरकार की तरफ से कोई बयान ना आना हमारे लिए परेशानी का कारण था लेकिन उनकी मजबूरी समझते हुए मैं उन्हें भी धन्यवाद कहना चाहती हूं।'
