जबलपुर हाईकोर्ट में अब 24 अप्रैल तक के लिए वर्चुअल मोड पर होगी सुनवाई

 

जबलपुर. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच अब जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी बड़ा फैसला लिया है. अब जबलपुर मुख्य पीठ समेत ग्वालियर और इंदौर खंडपीठ में भौतिक सुनवाई बंद कर दी गई है. अब 24 अप्रैल तक सिर्फ वर्चुअल मोड से सुनवाई होगी. इस दौरान किसी भी तरह की केस फाइल फिजिकल तरीके से पेश नहीं होगी. वहीं नए आदेश के अनुसार नई पिटिशन, जवाब दाखिले या शपथ पत्र अब ड्रॉप बॉक्स के माध्यम से ही दाखिल किए जाएंगे. ये नए आदेश तत्काल लागू किए गए हैं.

वहीं इससे पहले कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सीएम आवास पर भी एक हाईलेवल बैठक आयोजित हुई. इस दौरान निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी शासकीय कार्यालय आने वाले तीन महीनों तक पांच ही दिन काम करेंगे. कार्यालय अब सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खुलेंगे और शनिवार व रविवार को बंद रहेंगे.

वहीं बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में 8 अप्रैल से अगले आदेश तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा. साथ ही हर रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रहेगा. इस दौरान किसी भी तरह की दुकान या प्रतिष्ठान खोलने पर पाबंदी होगी और ऐसा नहीं करने पर प्रशासन सख्ती बरतेगा.

वहीं बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए छिंदवाड़ा जिले में 8 अप्रैल की रात 8 बजे से आने वाले 7 दिनों तक पूर्ण लॉकडाउन लगाने के भी आदेश जारी किए गए. इसके साथ ही शाजापुर शहर में बुधवार रात 8 बजे से दो दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का निर्णय भी लिया गया.
इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि राज्य में फिलहाल टोटल लॉकडाउन नहीं होगा. लॉकडाउन अंतिम विकल्प है. सभी जिलों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा. उन्होंने MP का नया मतलब गढ़ा. सीएम ने कहा “एमपी मतलब मास्क पहनना”.उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में हमें बहुत व्यापक समर्थन सभी वर्गों से मिल रहा है. लेकिन इस बीमारी की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है. इससे निपटने के लिए समाज को प्रशासन के साथ मिलकर लड़ना होगा.

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