एक लाख जवान भारतीय सेना से घटाए जाएंगे 

 नई दिल्ली 
भारतीय सेना के स्वरूप में बदलाव की कोशिशों के तहत सेना की लाजिस्टक टेल को छोटा करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत सेना की लड़ाकू टुकड़ियों के साथ सप्लाई एवं सपोर्ट में लगे जवानों की संख्या में कमी होगी। सेना ने अगले तीन-चार सालों के भीतर करीब एक लाख जवानों को कम करने का लक्ष्य रखा है।

सेना के शीर्ष अधिकारियों ने हाल में रक्षा मंत्रालय से संबद्ध संसदीय समिति को यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है लड़ाकू जवानों (इंफ्रेंट्री) पर फोकस किया जा रहा है। उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। क्योंकि सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा उन्हीं पर है। उन्हें अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध कराई जाएंगी और ‘टूथ टू टेल रेशियो’ में कमी की जाएगी।

इसका मतलब है कि सप्लाई और सपोर्ट कार्य में लगे जवानों की संख्या कम की जाएगी। दरअसल, जवानों की लड़ाकू टुकड़ियों के साथ अभी एक निश्चित संख्या में सप्लाई एवं सपोर्ट टीम रहती है। जो तमाम संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करती है। लेकिन जिस प्रकार से सेना में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उसमें इस प्रकार की व्यवस्था को अब गैर जरूरी माना जा रहा है।
 

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