तर्रेम मुठभेड़ का मास्टरमाईड हैं 40 लाख का ईनामी नक्सली हिडंबा
बीजापुर
तर्रेम-सिलगरी नक्सली मुठभेड़ का मास्टर माईंड सुकमा जिले के रहने वाले 40 वर्षीय हिड़ंबा है जिस पर सरकार ने 40 लाख रुपए का ईनाम घोषित कर रखा है। हिंड़बा भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या में भी शामिल था। इसी के साथ उसने बस्तर वनाचंल क्षेत्र में अनेक नक्सली वारदातों को अंजाम दिया है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को कुख्यात नक्सली हिडंबा के तर्रेम-सिलगरी में होने की सूचना पर उसे पकड?े के लिये संयुक्त सुरक्षाबल की टीम गई थी जिस पर नक्सलियों ने हमला किया जिसमें सुरक्षाबल के 22 जवान शहीद हो गये, वहीं 31 घायल हुए हैं। माना जा रहा है कि हिडमा ही शनिवार को हुए हमले का मास्टरमाइंड है। जहां यह अभियान चलाया गया वहां पहले से ही नक्सलियों का समूह हमले के लिए इंतजार कर रहा था और जब सुरक्षाबल के जवान वहां पहुंचे तो उनपर तीन घंटे तक लगातार जमकर गोलीबारी हुई।
हिडं़मा की उम्र 40 साल के आसपास है और वह सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का आदिवासी है। 90 के दशक में हिड़ंमा ने बंदूक उठाई और नक्सलियों के बेड़े में शामिल हो गया। हिड़ंमा वर्तमान में पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन नंबर 1 का मुखिया है। हिड़ंमा को उसके भयंकर और घातक हमलों के लिए जाना जाता है। हिड़ंमा करीब 180 से 250 नक्सलियों के समूह का सरदार है, उसके इस गिरोह में अनेक नक्सली महिलाएं भी शामिल हैं। हिड़ंमा कितना कुख्यात है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसके सिर पर 40 लाख रुपये का इनाम है। एनआईए ने भी हिडमा के खिलाफ भी मांडवी मर्डर केस में चार्ज शीट फाइल की है। भीमा मंडवी बीजेपी विधायक थे। अप्रैल 2019 में दंतेवाड़ा में उन पर हमला हुआ था, जिसमें मंडावी सहित नका ड्राइवर और तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे।
