भारत में कोरोना की तीसरी लहर से इनकार नहीं-CSIR

पुणे
 वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुंसधान परिषद (सीएसआईआर) के महानिदेशक डॉ. शेखर मांडे ने कहा कि कोविड-19 महामारी की ‘तीसरी लहर’ से इनकार नहीं किया जा सकता और यह लोगों को सुनिश्चित करना होगा कि ऐसा नहीं हो. केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत आने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान के प्रमुख ने रविवार रात को संवाददाताओं से ऑनलाइन बात करते हुए कहा कि लोगों को स्व अनुशासन और स्व नियंत्रण का पालन करना होगा और बीमारी को हराने का रास्ता दिखाना होगा.

मांडे ने कहा, ‘‘दुनिया की सभी महामारी लहरों के रूप में आई है. इस समय हम कुछ यूरोपीय देशों में महामारी की तीसरी लहर देख रहे हैं, इसलिए तीसरी लहर (भारत में) की आशंका को खारिज नहीं कर सकते हैं.’’ एक सवाल के जवाब में सीएसआईआर के महानिदेशक ने कहा कि महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में दोबारा संक्रमण के मामले सामने आए हैं, लेकिन उनकी संख्या कम है और इसलिए इस मामले पर ‘सामान्य बयान’ देना संभव नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘लाखों संक्रमितों में दोबारा संक्रमण के मामलों की संख्या 100 या 100 है, इसलिए इस स्तर पर दोबारा संक्रमण होने के मामले पर सामान्यीकरण वाला बयान देना मुश्किल होगा.’’ मांडे ने कहा, ‘‘एक समाज के रूप में है, हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अनुशासित और व्यवस्थित रहेंगे.’’

एक दिन में आए एक लाख से अधिक मामले
गौरतलब है कि सोमवार को भारत में एक दिन में कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 1,03,558 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,25,89,067 हो गई है. आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के प्रसार के बाद से पिछले साल 17 सितंबर को एक दिन में सर्वाधिक 97,894 नए मामले सामने आए थे. कोविड-19 के एक दिन में सामने आने वाले नए मामले पिछले साल 76 दिन में 20 हजार से सर्वाधिक 97,894 नए मामलों तक पहुंचे थे और इस बार केवल 25 दिन (10 मार्च से चार अप्रैल) के भीतर ही अब तक के सर्वाधिक एक लाख के पार चले गए.

कोरोना से अब तक देश में 1.65 लाख से अधिक की मौत
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में वायरस से 478 और मरीजों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 1,65,101 हो गई. देश में लगातार 26 दिनों से नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही उपचाराधीन मामलों की संख्या भी बढ़कर 7,41,830 हो गई, जो कुल मामलों का 5.89 प्रतिशत है.

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