आपकी एक्टिविटी पर है नजर! जानें कैसे लाइव दिखाई जा रही है सीसीटीवी फुटेज

नई दिल्ली
विशाखापट्टनम से लेकर दिल्ली, मुंबई से लेकर चेन्नई कोई भी महज एक वेबसाइट पर क्लिक कर घर से लेकर ऑफिस, सड़क से लेकर मॉल तक की हर एक्टिविटी को देख सकता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे आप कोई लाइव मैच देख रहे हों। वेबसाइट insecam.org टाइप पर अलग-अलग सीसीटीवी की फीड देख सकते हैं। ऐसे में आपको पता भी नहीं होता है कि कोई तीसरी आंख आप पर नजर रख रही है। insecam वेबसाइट शायद दुनिया की सबसे बड़ी सर्विलांस कैमरा की डायरेक्टरी है। वेबसाइट पर दुनियाभर के सीसीटीवी कैमरे एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। ये कैमरा मैन्युफैक्चरर के नाम से लेकर लैटिट्यूड और लॉन्गिट्यूड के आधार पर लोकेशन की पूरी जानकारी देते हैं। यहां आप सिर्फ कैमरे की लोकेशन जान सकते कि अमुक फुटेज किस जगह की है। हालांकि, वेबसाइट पर कैमरे की वास्तिवक पोजिशन और अड्रेस की जानकारी नहीं होती है। ऐसे में कैमरे की सही पोजिशन का पता करना कितना मुश्किल है?

लोगों ने कहा पुलिस देखे तो ठीक लेकिन…
उदाहरण के लिए, टुमकुरू में एक कैमरा लगा हुआ था, जो बेंगलुरु से करीब 100 किलोमीटर दूर है। वह कैमरा किसी एक बहुत ही व्यस्त जगह पर फोकस कर रहा था। वहां, सिर्फ जूलरी की कई दुकानें थी। यहां तक कि उनका साइनबोर्ड भी आसानी से पढ़ा जा रहा है। उस पर लिखा था गुमची सर्कल। अगली सुबह मैं वहां गया। वहां फुटपाथ पर एक बुजुर्ग लोगों का ग्रुप सुबह की चाय पीते हुए आपस में बातचीत कर रहे थे। मैंने उनसे कैमरे का जिक्र करते हुए पूछा कि उन्हें इसे लेकर कैसा लगता है। बैंक की नौकरी से रिटायर्ड हो चुके एक बुजुर्ग ने कहा कि यदि इस कैमरे की फीड सिर्फ पुलिस देखती है तो हमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन इसे कोई भी, कहीं भी अपनी मर्जी के हिसाब से देख सकता है, इससे मुझे परेशानी हो सकती है। वहीं अन्य लोगों ने भी इस पर चिंता जताई।

प्रिवेसी की क्या कीमत है?
इस बारे में IISc में रॉबर्ट बोश सेंटर फॉर साइबर फिजिकल सिस्टम के प्रो. ए. भारद्वाज कहते हैं कि Insecam जैसे वेबसाइट प्रिवेसी का उल्लंघन करती हैं। इससे किसी भी व्यक्ति के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई बेइमान आदमी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये तेजी से लाखों तस्वीरों को देख कर किसी निश्चित आदमी पर नजर रख सकता है। ऐसे में समझा जा सकता है कि प्रिवेसी की क्या कीमत है?

दिल्ली, हैदराबाद और चेन्नई पर सबसे अधिक नजर
यूके बेस्ड रिसर्च फर्म कमपैरिटेक (Comparitach) का कहना है कि दिल्ली, हैदराबाद और चेन्नई भारत के तीन मेट्रो शहर हैं जिन पर दुनियाभर में सबसे अधिक नजर रखी जाती है। हैदराबाद में प्रति हजार लोगों पर 29.99 कैमरा लगे हुए हैं। चेन्नई में प्रति 1000 व्यक्ति 25.52 और राजधानी दिल्ली में प्रति हजार व्यक्तियों पर कैमरों की संख्या 14.18 है। कैमरा संख्याओं की रैंकिंग के लिहाज से हैदराबाद बाद 16वें, चेन्नई 21वें स्थान पर है।

कई और कैमरा फीड डायरेक्टीज हैं उपलब्ध
Insecam वेबसाइट के अलावा कई और सार्वजनिक कैमरा फीड डायरेक्टरीज उपलब्ध हैं। ऐसी ही एक वेबसाइट Opentopia है जो खुद को लाइव कैम वेबसाइट में सबसे बड़ा होने का दावा करती है। वास्तव में Opentopia खुद इस बात को स्वीकार कर चुका है कि उनके कई कैमरा फीड्स प्रिवेसी का उल्लंघन करते हैं। वेबसाइट्स का कहना है कि हम जानबूझकर किसी की प्रिवेसी और अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते हैं।

कैमरा इंस्टॉल करते समय ये सावधानियां रखना है जरूरी
देश में लोगों कैमरा सिक्योरिटी को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं हैं। आमतौर पर इन डिवाइस का डिफॉल्ट पासवर्ड Admin123 ही होता है। ऐसे में कैमरा इंस्टॉल करते समय खुद पासवर्ड सेट करें। जब तक बहुत जरूरी ना हो तब तक प्राइवेट स्पेस और कमरे में कैमरा लगाने से बचें। जाने पहचाने मैन्युफैक्चर से ही बेहतर क्वालिटी का कैमरा खरीदें। कैमरे के लिए रेगुलर सॉफ्टवेयर अपडेट को चेक करते रहें।

 

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