ICC अधिकारियों पर लगी रोक हटाई, बदला पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फैशला

वाशिंगटन
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कई नीतियों को खत्म करने की शृंखला में जो बाइडन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रपति बाइडन ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के दो अधिकारियों पर ट्रंप कार्यकाल में लगाए गए प्रतिबंध हटा लिए हैं। इसी के साथ उन्होंने वैश्विक संस्थानों व अधिकारियों को निशाना बनाने वाले ट्रंप के सबसे आक्रामक फैसलों में से एक को पलट दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने इस फैसले को पलटने की जानकारी देते हुए कहा, अमेरिका अब भी अदालत की कुछ कार्रवाइयों से पूरी तरह असहमत है। हालांकि, हमारा मानना है कि इन मामलों के प्रति हमारी चिंता पर कूटनीति के जरिए गौर किया जाएगा न कि पाबंदियां लगाकर।

ब्लिंकेन ने कहा कि ट्रंप कार्यकाल में अधिकारियों पर लगाए गए प्रतिबंध अनुचित थे, इसलिए राष्ट्रपति ने आर्थिक और वीजा प्रतिबंधों पर कार्यकारी आदेश 13928 को निरस्त कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप फतू बेन्सूडा और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी फाकीसो मोचोचोको पर लगी रोक हट गई है। इसके साथ ही बाइडन प्रशासन ने 2019 की नीति को भी समाप्त कर दिया जिसमें कुछ आईसीसी कर्मचारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाए गए थे।

प्रतिबंधों को हटाया जाना इस बात का संकेत है कि बाइडन प्रशासन बहुपक्षीय संस्थाओं में लौटने की मंशा रखता है। नीदरलैंड्स के द हेग स्थित स्थायी निकाय आईसीसी पर नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों के मामले देखने की जिम्मेदारी है। अमेरिका अदालत के करीब 120 सदस्य देशों में शामिल नहीं है।

ट्रंप प्रशासन ने सितंबर 2020 में आईसीसी के अधिकारियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें मुख्य अभियोजक फतू बेन्सूडा भी शामिल थे। 2020 की शुरुआत में ट्रंप ने आईसीसी को अमेरिका के लिए खतरा बताकर प्रतिबंधों के उपयोग को अधिकृत किया था। पिछले साल अफगानिस्तान में कथित अपराधों की जांच के प्रयासों का हवाला देते हुए, ट्रंप प्रशासन ने बेन्सूडा के अमेरिकी वीजा को भी रद्द कर दिया था।

न्यायालय में सदस्य राष्ट्रों के प्रबंधन निकाय की अध्यक्ष सिल्विया फर्नांडिज ने कहा, अमेरिका का यह कदम विधि आधारित विश्व व्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने आरोप लगाया था कि इन संस्थानों में बहुत खामियां हैं और ये अमेरिकी हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

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