पैसेंजर ट्रेन हादसा : ट्रैक के आस-पास बसे गांव में लोगों से हो रही पूछताछ

जबलपुर
जबलपुर-इटारसी रेलवे ट्रैक के बोहानी रेलवे स्टेशन के पास पैसेंजर ट्रेन के कोच के पहिए पटरी से उतरने के मामले की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में जबलपुर रेल मंडल ने एक ओर विभागीय जांच बैठाई है तो वहीं दूसरी ओर आरपीएफ-जीआरपी भी इस मामले की जांच कर रही है। रेल मंडल ने इस जांच में स्थानीय पुलिस की मदद मांगी है।

दरअसल रेलवे की प्रारंभिक जांच में होम सिग्नल से प्लेटफार्म की ओर आने वाले ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखा गया था, जिस वजह से कोच के पहिए पटरी से उतरे, लेकिन यह टुकड़ा यहां आया कैसे। रेलवे का शक है कि यह काम रेलवे ट्रैक के आस-पास बसे गांव में रहने वाले किसी शख्स से ही किया है। इसकी तलाश के लिए स्थानीय पुलिस की मदद से गांव-गांव जाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग की है। उसके प्वाइंटमेन, ट्रैकमेन और पेट्रोलमेन इस जिम्मेदारी को संभालते हैं। इसके बाद भी रेलवे स्टेशन से महज पांच सौ मीटर दूर रेलवे ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रख दिया गया, लेकिन इसकी खबर रेलवे और जीआरपी-आरपीएफ किसी को नहीं लगी। रेलवे जानकारों का कहना है कि यह अच्छा था कि ट्रेन प्लेटफार्म पर आ रही थी, जिससे उसकी स्पीड कम थी। यदि मेन लाइन पर लोहे का टुकड़ा रखा गया होता दो हादसा बड़ा हो सकता था। अब तक की जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिस लोहे के टुकड़े को ट्रैक पर रखा गया, वह रेलवे का ही था।

रेलवे को अभी तक यह नहीं पता है कि ट्रैक पर लोहे का टुकड़ा रखने की पीछे क्या मंशा थी। उसने अपनी जांच में दो पक्ष रखे हैं। पहली यह है कि यह टुकड़ा चोरी करने के दौरान किसी चोर ने गलती से ट्रैक पर रख दिया। दूसरा यह है टुकड़ा रखने के पीछे की मंशा रेल दुर्घटना करना ही था। हालांकि स्थानीय पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर गांव में छापेमारी कर लोगों से ट्रैक के आस-पास घूमने वालों की जानकारी एकत्रित कर रही है।

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