छुट्टी से लौटने वालों की भीड़ बढ़ा रही बीमारी, फीवर क्लीनिक से मिल रहा संक्रमण

भोपाल
कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ ही एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने के पहले निगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है। छुट्टी से लौटने वाले कर्मचारियों को ज्वॉइनिंग के पहले कोविड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है। इस निगेटिव रिपोर्ट को हासिल करने के लिए जब स्वस्थ लोग कोविड टेस्ट कराने फीवर क्लीनिक में पहुंच रहे हैं तो वहां संदिग्ध कोरोना मरीजों के जरिए स्वस्थ लोग संक्रमित हो रहे हैं। शहर में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 47 फीवर क्लीनिक हैं। जिनमें सुबह 9 से शाम 4 बजे तक सैंपल लेने का टाइम तय किया गया है। लेकिन जेपी, हमीदिया, एम्स, बीएमएचआरसी को छोड़कर अधिकांश फीवर क्लीनिक पर मात्र तीन-चार घंटे ही सैंपल लिए जा रहे हैं। इससे बडेÞ अस्पतालों के फीवर क्लीनिक में भीड़ लग रही है।

चूनाभट्टी इलाके में संदीप कुमार माथुर जोधपुर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। होली पर वे छुट्टी आए थे अब वापस ज्वॉइनिंग के लिए राजस्थान बॉर्डर पर और कंपनी में कोविड की निगेटिव रिपोर्ट लाने के लिए कहा गया। जेपी के फीवर क्लीनिक में जांच कराने पहुंचे यहां भारी भीड़ की लाइन में दो घंटे लगकर सेंपल दिया। कतार में कई मरीज ऐसे थे जो सर्दी-जुकाम के कारण खांस, छींक रहे थे। उनकी रिपोर्ट पांच दिन में नहीं मिल पाई लेकिन उन्हें खुद बुखार आने लगा। वे कहते हैं कि फीवर क्लीनिक पर भारी भीड़ में कई लोग बिना मास्क रहते हैं।

छात्रों और यात्रा करने के लिए जिन्हें निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत है उन लोगों के सेंपल लेने के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए ताकि संक्रमण का खतरा न हो। यही नहीं जांच के बाद रिपोर्ट देने के लिए भी डिजिटल साइन रिपोर्ट का इंतजाम भी किया जाना चाहिए।

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