AIIMS डायरेक्टर गुलेरिया बोले- फौरन लगाई जाए मिनी लॉकडाउन, इस महीने पीक पर होगा कोरोना वायरस

 नई दिल्ली
 कोरोना वायरस की दूसरी लहर भारत में तेजी से बढ़ रही है। इसको देखते हुए वैज्ञानिकों ने मैथेमेटिकल मॉडल स्टडी के आधार पर कहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर मिड अप्रैल तक अपने चरम यानी पीक पर होगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि मई के अंत तक कोविड-19 संक्रमण में गिरावट देखी जा सकती है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के मणींद्र अग्रवाल सहित अन्य वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद कहा है कि चल रही कोरोना महामारी की लहर मिड अप्रैल में हर दिन तेजी से बढ़ने वाली है। मणींद्र अग्रवाल ने कहा है कि पिछले कई दिनों के कोरोना केस को देखते हुए हमने मैथेमेटिकल मॉडल पर स्टडी की है, जिसके बाद हम ये कह सकते हैं कि भारत में कोविड-19 के मामले 15 से 20 अप्रैल के बीच अपने चरम पर होंगे। ऐसे में यदि इसी महीने कोरोना पीक पर आ जाता है तो यह उम्मीद की जानी चाहिए कि मई से कोविड-19 कम होने लगेगा।

 वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस दौरान एक दिन में 90 हजार से डेढ़ लाख नए केस रोजाना देखने को मिलेंगे। हालांकि बहुत हद तक ये टेस्टिंग पर डिपेंड होगा कि एक दिन में कितने टेस्ट किए जाते हैं। उन्होंने कहा है कि आने वाले दो हफ्ते बेहद अहम हैं। एम्स के डायरेक्टर गुलेरिया बोले- मिनी लॉकडाउन की जरूरत कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को तेजी से बढ़ता देख एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के तेजी से प्रसार को रोकने के लिए "मिनी लॉकडाउन" की आवश्यकता है। 

देश में कोविड-19 की स्थिति चिंताजनक है और वायरस के प्रसार को लेकर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि वायरस तेजी से फैल रहा है क्योंकि लोगों इसको लेकर लापरवाही कर रहे हैं, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लोग फॉलो नहीं कर रहे हैं। देश में अब बच्चे भी संक्रमित हो रहे हैं, हालांकि, उनकी प्रतिरक्षा वयस्कों की तुलना में अधिक मजबूत है। उन्होंने कहा कि पूर्ण टीकाकरण के लिए, देश में 200 करोड़ खुराक की जरूरत है। ​उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन का टीका लगने के बाद भी लोगों को 6 फीट की दूरी बनाए रखनी चाहिए और हर समय मास्क पहनना चाहिए। कंटेंट जोन को बढ़ाने की जरूरत है।

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