अपने लिये कुछ मांगने से बेहतर मरना, आखिर क्या चुभ रहा है शिवराज को?

मोहन यादव का रास्ता निष्कंटक नहीं ?

भोपाल
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज एक प्रेसवार्ता में यह बोलकर कि मैं अपने लिये कुछ मागने से बेहतर मरना समझूंगा,सनसनी फैला दी। विदित हो कि शिवराज सिंह मानते हैं कि भाजपा की अप्रत्याशित जीत के लिये लाड़ली बहना योजना जिम्मेवार है जबकि दिल्ली इसे मोदी का जादू बता रही है। जब शिवराज सिंह से पूछा गया कि आपने कहा था, मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा।

तो सिंह ने कहा कि आपको याद होगा उस दिन भी कहा था, आप दिल्ली जाएंगे क्या..? जब उनसे प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि एक बात मैं बड़ी विनम्रता के साथ कहता हूं, “अपने लिए कुछ मांगने जाने से बेहतर, मैं मरना समझूंगा; वह मेरा काम नहीं है इसलिए मैंने कहा था, मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा” ऐसा लगता है कि शिवराज सिंह को पार्टी के तात्कालिक निर्णयों से दिली चोट लगी है।फिलहाल भावी मुख्यम़त्री डा.मोहन यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिंह की छवि है।महिलाओं का जार जार रोना उनका जनता से जुड़ाव होना दिखाता है।

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