इन योगासन से मिलेगी आंतरिक शांति और साथ ही बढ़ेगी एकाग्रता।
इस धरती पर सबसे शक्तिशाली कुछ है, तो वह है मनुष्य का दिमाग। यह वह हथियार है जिससे आप कुछ भी जीत सकते हैं और सबकुछ हार भी सकते है। यह सब निर्भर करता है कि आप इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। शरीर की तरह इसे भी अच्छे प्रदर्शन के लिए पोषण के साथ कसरत की आवश्यकता होती है। माना जाता है कि आप जब तक सीखते रहते हैं, तब तक आपका दिमाग की पावर बरकरार रहती है। लेकिन सीखने में आप तभी सफल होते हैं, जब आप आपका दिमाग एकाग्र हो। यदि आप बैठे-बैठे कहीं और खो जाते हैं, या किसी काम को करते हुए किसी और चीज बारे में सोचने लगते हैं, तो आपने ब्रेन की सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।
सर्टिफाइड योगा इंस्ट्रक्टर पवित्रा देवाडिगा ने एकाग्रता की परेशानी को खत्म करने वाले 3 योगासन बताए है। यह योगासन सरल होने के साथ ही सभी लोगों के लिए है। यहां तक कि जो लोग बिस्तर से उठ बैठ नहीं पाते वह भी इस योगासन को करके इसके फायदे को प्राप्त कर सकते हैं।
प्राण धारणा (Breath Awareness)
प्राण धारणा एक तरह का मेडिटेशन है। इसे करने आपकी मेमोरी तेज होने के साथ एकाग्रता में सुधार होता है। आपका फोकस भी सही होता है। इसमें बस आप बिना एक ऑब्जर्वर की तरह अपने सांस को, बॉडी के अंदर चली चल रही चीजों पर ध्यान देते हैं।
कैसे करें
इसे करने के लिए आप एक आरामदायक जगह पर बैठ जाएं
अब अपनी बॉडी को रिलेक्स छोड़ दें
आंखों को बंद करते हुए सांसों की गिनती करें ध्यान रखें कि सांस को अंदर लेकर छोड़ने पर एक सांस का एक चक्र पूरा होता है
यदि आप बीच में भटक जाते हैं और गिनती भूल जाते हैं, तो वापस से गिनती को शुरू करें
धीरे-धीरे आप प्रैक्टिस से साथ सांसों की गिनती को बढ़ा सकते हैं
भ्रामरी प्राणायाम (Humming Bee Breathing)
भ्रामरी प्राणायाम सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह बॉडी की रिकवरी की क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। इसके साथ ही यह भ्रामरी के दौरान होने वाले वाइब्रेशन से मानसिक परेशानियां जैसे- स्ट्रेस, एंग्जायटी, एकाग्रता में कमी ठीक होती है।
पहला तरीका-
इसे करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को क्रॉस करके या पद्मासन में बैठ जाएं
पीठ को सीधा रखते हुए को छाती को तना रखें और बॉडी को रिलैक्स छोड़ें
सांस को अंदर लें और इसे बाहर छोड़ते हुए मधुमक्खी की तरह आवाज निकाले
क्षमता के अनुसार सांसों को लंबा खींच सकते हैं
भ्रामरी करते हुए किसी भी तरह का तनाव चेहरे पर न हो इसका ध्यान रखें
दूसरा तरीका-
इसे करने के लिए पद्मासन में बैठ जाएं
पीठ को सीधा और छाती को तना हुआ रखते हुए कान को अंगुठे या तर्जनी से बंद कर लें
ध्यान रखें कि कानों को बंद रखते हुए आपकी कोहनी कंधे के सीध में उठी हुई होनी चाहिए
उंगलियों से कान को बंद करने के बाद आंखों को बंद करें
सांस को अंदर लें और धीरे-धीरे इस छोड़ते हुए मक्खी की तरह आवाज निकाले
नॉर्मल मुद्रा में आने के बाद आंखों को बंद करते हुए इस आवाज को अपने अंदर महसूस करें
इसे 5-6 बार दोहरा सकते हैं
ऐसे करें योग और लाएं एकाग्रता
षण्मुखी मुद्रा (Shanmukhi Mudra)
यह योगासन एकाग्रता को बढ़ाने में बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसकी खास बात यह है कि इसमें आंखों, कानों और मुंह जो हमें डिस्ट्रिक्ट करने का काम करते हैं उन्हें बंद रखते हुए शरीर के अंदर ध्यान को केंद्रित करते हैं।
कैसे करें
इसे करने के लिए पद्मासन में बैठ जाएं
पीठ को सीधा और छाती, कंधे को तना रखें
अब अपने दोनों हाथों को सामने फैलाते हुए अपने पंजे को खोले
छोटी उंगली को होंठ के नीचे रखें
अनामिका उंगली को होंठ के ऊपर रखें
बीच वाली उंगली से आंखों के नीचे रखें
तर्जनी को आंखों के ऊपर रखें
अंगूठे से कानों को बंद करें
अब सांस को अंदर लें हुए मक्खी की आवाज निकालें और सांस छोड़ें
