सोमवार 1 अगस्‍त से दिल्‍ली में पुरानी आबकारी नीति लागू ,389 सरकारी दुकानें ही रहेंगी

नई दिल्‍ली
 देश की राजधानी में शराब के शौकीनों का मूड बिगड़ने वाला है। सोमवार (01 अगस्‍त) से दिल्‍ली में पुरानी आबकारी नीति लागू हो जाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में यह ऐलान किया। सिसोदिया ने कहा कि सरकारी दुकानों के जरिए कानूनी तौर पर शराब बेची जाएगी। डेप्‍युटी सीएम ने कहा कि मुख्य सचिव को ऑर्डर दिया है कि 'सरकारी दुकानों के जरिए भ्रष्टाचार नहीं हो। दिल्ली में अवैध दुकान न खुले।' दिल्‍ली में पुरानी आबकारी नीति लागू होने का मतलब है कि 16 नवंबर 2021 से पहले वाली व्‍यवस्‍था बहाल होगी। उस वक्‍त दिल्‍ली में शराब की 389 सरकारी दुकानें थीं। इसके अलावा साल में 21 दिन ड्राई डे हुआ करता था। नई एक्‍साइज पॉलिसी लागू होने के बाद प्राइवेट रिटेलर्स MRP पर डिस्‍काउंट दे पा रहे थे, पुरानी पॉलिसी में ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी। इसका मतलब यह है कि दिल्‍ली में शराब अब MRP पर बिकेगी मतलब पीने वालों की जेब फिर से ढीली होना तय है।

दिल्‍ली में शराब: 1 अगस्‍त से क्‍या-क्‍या बदल जाएगा?

    एक्‍साइज पॉलिसी 2021-22 प्रभावी नहीं रहेगी।
    शराब की 468 प्राइवेट दुकानें बंद हो जाएंगी।
    पुरानी आबकारी नीति लागू हो जाएगी।
    शराब सिर्फ सरकारी ठेकों के जरिए बेची जाएगी।
    शराब MRP पर बिकने लगेगी।
    दिल्‍ली में शराब की किल्‍लत हो सकती है।

सिसोदिया ने भी दिए किल्‍लत के संकेत

दिल्‍ली सरकार की तरफ से सिसोदिया ने नई एक्‍साइज पॉलिसी का बचाव किया। उन्‍होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह दिल्‍ली में शराब की किल्‍लत पैदा करना चाहती है। सिसोदिया ने कहा क‍ि 'पहले दिल्ली में 850 दुकानें होती थीं। नई पॉलिसी में तय किया कि 850 दुकानों से ज्यादा नहीं खोली जाएंगी। पहले सरकार को करीब 6 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था। जब पारदर्शी ढंग से नीलामी हुई, तो पूरे साल में 850 दुकान से साढ़े 9 हजार करोड़ का रेवेन्यू आना था। एक साल में सरकार की नई पॉलिसी से आय डेढ़ गुना बढ़ जाती। नई पॉलिसी से भ्रष्टाचार रुक जाता है। तब इन्होंने नई पॉलिसी को फेल करने का प्लान बनाया। नई दुकान वालों को ईडी और सीबीआई की धमकी दी। प्राइवेट दुकान चलाने वालों को धमकी दी। बहुत से शराब वालों ने दुकान छोड़ दी।'

सिसोदिया ने कहा कि यदि दिल्ली में लाइसेंसशुदा दुकानों की कमी होती है, तो नकली शराब का कारोबार होता है। अब जो दुकानें खाली हो रही हैं, उनका लाइसेंस भरने को कोई तैयार नहीं है। अफसरों को भी डरा दिया है। उनकी नीलामी भी नहीं हो रही है। 2021-22 की पॉलिसी 31 जुलाई को खत्म हो रही है। सीबीआई और ईडी की धमकी दे रखी है। दुकानवालों और अफसरों को डरा दिया है। 1 अगस्त से दिल्ली में एक्साइज ड्यूटी देने वाली दुकानें कम होने लगें। सरकार कोई निर्णय नहीं लेगी, तो कोई पॉलिसी नहीं होगी। दिल्ली में वैध शराब की पूर्ति कम हो गई, तो गुजरात की तरह नकली शराब बेचना चाहते हैं। नकली और जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत होगी। दिल्ली में भी होने लगेगी। हम ऐसा नहीं होने देंगे।

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