मध्य प्रदेश में सड़क नियम तोड़ने का बढ़ेगा जुर्माना

भोपाल

मध्यप्रदेश में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना 10 गुना तक बढ़ सकता है। दरअसल सड़कों पर कलाबाजी कर स्टंट करते, नशे में तेज गति से वाहन चलाने, रेडलाइट जंपिंग, हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने और यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कितना जुर्माना लगाया जाए इसकी मौजूदा दरों में क्या संशोधन हो इस पर तीन मंत्री मिलकर मंथन करेंगे। यह समिति जल्द ही इस सबंध में बैठक कर अपने सुझाव देगी।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना राशि में संशोधन के लिए  राज्य सरकार ने एक मंत्री परिषद उपसमिति बनाई है। इसमें लोक निर्माण, कुटीर और ग्रामोद्योग मंत्री गोपाल भार्गव, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सहकारिता, लोक सेवा प्रबंधन मंत्री अरविंद भदौरिया मिलकर मोटरयान अधिनियम में वर्ष 2019 में किये गये संशोधनों के अनुरुप निर्धारित जुर्माने और दंड की दरों में संशोधनों पर विचार करेंगे। इन तीनों मंत्रियों के साथ परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव फैज अहमद किदवई इस समिति के समन्वयक होंगे।  मोटरयान संशोधन अधिनियम 2019 के तहत सभी राज्यों में यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लगने वाले जुर्माने और सजा की दरों को बढ़ाया जाना है। इसके तहत चार पहिया वाहन चलाने के दौरान सीटबेल्ट नहीं पहनने, दुपहिया वाहन चलाते समय  हेलमेट नहीं लगाने और दुपहिया वाहनों पर दो से ज्यादा सवारियां बिठाने पर मौजूदा जुर्माने की दर सौ रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपया जुर्माना किया जाना प्रस्तावित है।

 बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर लगने वाला जुर्माना पांच सौ से बढ़ाकर पांच हजार रुपए करने, ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने के बावजूद वाहन चलाने पर जुर्माना पांच सौ रुपए से दस हजार रुपए किए जाने का प्रस्ताव है। इसी तरह ओवर स्पीड पर जुर्माना चार सौ से बढ़ाकर दो हजार रुपए करने, खतरनाक ड्राइविंग पर जुर्माना एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार और शराब पीकर वाहन चलाने पर जुर्माना दो हजार से बढ़ाकर दस हजार करना प्रस्तावित है। यही नहीं ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन पर बात करने पर मौजूदा जुर्माना एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपया करना प्रस्तावित है। इमरजेंसी वाहनों को रास्ता नहीं देने पर अभी कोई जुर्माना नहीं है इसमें दस हजार रुपए तक जुर्माना लगाना प्रस्तावित है। बिना परमिट के वाहन संचालन पर जुर्माना दुगना कर दस हजार रुपए करने, गाड़ियों की ओवरलोडिंग पर जुर्माना दो हजार और उसके बाद प्रति टन एक हजार से बढ़ाकर न्यूनतम बीस हजार रुपए और उसके बाद प्रति टन दो हजार करने का प्रावधान है। बिना इंश्योरेंस के वाहन संचालन पर जुर्माना एक हजार से बढ़ाकर दो हजार रुपए करने और नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना और तीन साल की सजा , वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और गाड़ी मालिक और नाबालिग के अभिभावक को दोषी ठहराने तथ नाबालिग को 25 साल की उम्र तक लाइसेंस जारी नहीं करने का प्रस्ताव है। मध्यप्रदेश में जुर्माने की नई दरें तय करने के लिए  समिति की बैठक जल्द ही होेने वाली है।

निर्माण और रखरखाव में खामी तो कंपनी पर 100 करोड़ जुर्माना
मोटरवाहन मैन्युफैक्चरर मोटर वाहनों के निर्माण या रखरखाव के मानदंडों का अनुपालन करने में असफल रहता है तो अधिकतम सौ करोड़ रुपए तक दंड और एक वर्ष तक कारावास या दोनों की सजा का प्रावधान तय किया गया है। अगर कांट्रेक्क्टर सडकÞ के डिजाइन के मानदंडों का अनुपालन नहीं करता तो उसे एक लाख रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। केन्द्र सरकार इस जुर्माने को हर साल दस प्रतिशत तक बढ़ा सकेगी। राज्य सरकारों को इसे लागू करने का कोई दबाव नहीं है लेकिन वे इसे लागू करते है तो केन्द्र सरकार का सहयोग करेंगी।

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