नासिक में एकनाथ शिंदे का शक्ति प्रदर्शन, समर्थकों ने JCB से की फूलों की बारिश

 नासिक।
 
एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार शुक्रवार देर रात नासिक पहुंचे थे। अपने समर्थकों के साथ यहां उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया। उन्होंने पाथर्डी फाटा में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का सामना करने वाले किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए शनिवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है और इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार आए एकनाथ शिंदे का उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने रात 11 बजे पाथर्डी फाटा में जोरदार स्वागत किया। पाथर्डी फाटा में आयोजित छोटेखानी समारोह में शिंदे ने कहा कि राज्य में बनी गठबंधन सरकार आम कार्यकर्ताओं की सरकार है। उन्होंने कहा कि नासिक जिले के त्र्यंबक सहित सभी तीर्थ स्थलों को पंढरपुर तीर्थ स्थल की तरह विकसित किया जाएगा।

किसानों को मिलेगा मुआवजा: शिंदे
एकनाथ शिंदे ने कहा कि भारी बारिश से किसानों को हुए नुकसान की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है और इस संबंध में शनिवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजे के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

समर्थकों ने JCB से बरसाए फूल
उन्होंने कहा कि नासिक में लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की भी योजना बनाई जा रही है और सरकार नासिक को विकास कार्यों से बदलने से नहीं हिचकेगी। नासिक में थोड़े समय के लिए रुके मुख्यमंत्री के पहले दौरे में कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन शिंदे समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने रात 8 बजे से पाथर्डी फाटा में भारी भीड़ लगा दी। इस दौरान समर्थकों ने जेसीबी से उनपर फूलों की बारिश की।

स्वागत में शिवसेना के कई दिग्गज मौजूद
शिंदे के स्वागत में हेमंत गोडसे, सुहास कांडे, पूर्व विधायक काशीनाथ मेंगल जैसे दिग्गज स्थानीय नेता भी मौजूद थे। वहीं, उद्धव गुट का दावा है कि नासिक में कोई भी शिवसैनिक शिंदे का साथ नहीं देगा। हालांकि, मंच पर नगर निगम की स्थायी समिति की पूर्व अध्यक्ष मामा ठाकरे समेत कई शिवसैनिक मौजूद थे।

बीजेपी नेताओं ने भी किया स्वागत
मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए शिवसैनिकों के साथ-साथ भाजपा के कुछ पदाधिकारी भी वहां मौजूद दिखे। शिंदे की ओर से इन सभी का स्वागत किया गया। इसके बाद शिंदे मालेगांव के लिए रवाना हो गए। रास्ते में मुंबई नाका के साथ-साथ द्वारका चौक पर भी उनका स्वागत किया गया।

 

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