प्रदेश में वन्य-प्राणी संरक्षण और संवर्धन में उत्कृष्ट कार्य हुए – प्रमुख सचिव वन वर्णवाल

भोपाल

प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल ने कहा है कि प्रदेश में वन्य-प्राणी संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट स्तर के कार्य हुए हैं। इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सजग रह कर सतत् रूप से कार्य करना होगा। वर्णवाल शुक्रवार को प्रशासन अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर मध्यप्रदेश टाइगर फाउण्डेशन सोसायटी के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में प्रत्येक 4 साल में होने वाले बाघ आकलन में बाघ की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि वन्य-जीवों के बेहतर संरक्षण और संवर्धन से अगले आकलन में बाघों की संख्या 600 से 650 के बीच आएगी। उन्होंने प्रदेश के संरक्षित क्षेत्र/वन मण्डल स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 9 अधिकारी-कर्मचारियों को टाइगर कन्वेंशन अवार्ड से पुरस्कृत किया। बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी, मुंबई के संचालक डॉ. विभांश पांडव ने "बाघ संरक्षण एवं भविष्य की रणनीति'' पर व्याख्यान दिए।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को जैव विविधता एवं प्राकृतिक धरोहर, भोपाल शहर में वन विभाग के उत्कृष्ट बाघ प्रबंधन पर केन्द्रित लघु डाक्यूमेंट्री और पेंच टाइगर रिजर्व में हुई प्रतियोगिता "A day in the life of Vanrakshak" की विजयी डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।

डी.बी. मॉल में तीन दिनी बाघ संरक्षण प्रदर्शनी

डी.बी. मॉल भोपाल में जन-सामान्य को बाघ संरक्षण के प्रति जागरूक करने बाघ संरक्षण को प्रदर्शित करती फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में बाघ संरक्षण और बाघों की दिनचर्या से रू-ब-रू कराया गया है।

टाइगर डे क्विज

इस मौके पर जन-सामान्य को बाघ संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए ऑनलाइन क्विज (फेसबुक) आयोजित की गई। टाइगर डे क्विज के विजेता और म.प्र. के वन्य प्राणी- प्राकृतिक धरोहर को दर्शाती फोटो ऑफ द मंथ के विजेताओं की घोषणा की गई।

प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य वन विकास निगम ए.के पाटिल, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) शुभरंजन सेन सहित अधिकारी, गैर शासकीय संस्थाएँ डब्ल्यू.डब्ल्यू., टिनसा फाउन्डेशन एवं भोपाल बर्डस कन्जर्वेशन सोसायटी के प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

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