फलदार पौधा लगाइए सरकारी भूमि पर, जमीन के लिए कीजिए सामूहिक दावेदारी

लोहरदगा
लोहरदगा में बुधवार को जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, वह धरातल पर कितनी कारगर हैं, यह भी देखना हमारा काम है। राज्य गठन के बाद जितनी भी सरकारें आई, उनके समय में बनाई गई योजनाएं कागजों में ही सिमट कर रह गईं। राज्य में कई ऐसे जगह हैं, जहां आज भी कभी कोई पदाधिकारी नहीं गया। जनता के लिए बनाई जा रही योजनाएं कागजों में ही खत्म हो जाती थीं। हमारी सरकार ने हर किसान, हर मजदूर के लिए कोई न कोई योजना देने का काम किया है। कोविड जैसी महामारी के दौरान भी हमारी सरकार ने आम जनता के लिए काम करने का प्रयास किया। बिरसा हरित ग्राम योजना की जमीनी हालात देखने के लिए लोहरदगा आए हैं।

सभी वर्ग की विधवा को पेंशन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सभी बुजुर्गों को पेंशन देने का कानून बनाया। 60 साल से ऊपर सभी बुजुर्गों को पेंशन। किसी भी वर्ग की विधवा को पेंशन का लाभ। सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आपको बिचौलियों के पास जाने की जरूरत नहीं, आप सीधे अधिकारी से मुलाकात करें। मैं बातें करना शुरू करूं तो समय कम पड़ जाएगा। आने वाले समय में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 50 एकड़ जमीन में भी पौधे लगाने की योजना सरकार स्वीकृत करेगी। सरकारी जमीन पर पौधा रोपण करते हुए फलदार पौधे लगाइए और जमीन के लिए सामूहिक दावेदारी कीजिए।

जगह-जगह बनाए जाएंगे कोल्ड स्टोरेज
हेमंत सोरेन ने कहा कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान कर रहे हैं हम। सिर्फ आम की ही नहीं बल्कि पपीता, लीची, नींबू, कटहल आदि फल के पौधे भी लगाए जा सकते हैं। आने वाले समय में जगह-जगह कोल्ड स्टोरेज बनाया जाएंगे, जिससे किसानों को उनके फलों का बेहतर मूल्य मिल सके। लाल और काका आदि क्षेत्रों में सब्जियों की काफी बेहतर तरीके से खेती होती है, परंतु बाजार नहीं मिलने की वजह से किसानों को फायदा नहीं मिल पाता है। हम ग्रामीणों के लिए ग्रामीण स्तर में बड़े हाट उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं।

तकनीकी कारणों से मनरेगा में काम नहीं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के लिए उद्योग लाने की हमारी योजना है। हमारे किसानों को उद्योग के साथ जोड़े जाने की भी हमारी परिकल्पना है। मनरेगा मजदूरों को मनरेगा मजदूरी नहीं मिल पा रही है। राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार को पत्राचार कर रही है। तकनीकी समस्या के कारण मजदूरों को भुगतान में परेशानी आ रही है।

ग्रामीणों को योजनाओं की सही जानकारी दें
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि टाना भगत के लिए सरकार ने वस्त्र के लिए 4000 से बढ़ाकर आठ हजार रूपये करने का काम किया। रोजगार और नौकरी के दरवाजे खोलने के लिए राज्य सरकार ने काम किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्रामीणों को योजनाओं के बारे में सही सही जानकारी दें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *