रेलवे सहित अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य पकड़े

अंबाला
रेलवे सहित अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर 40 हजार रुपये की धोखाधड़ी हो गई। छावनी स्टेशन पर जब गिरोह के दो सदस्य पैसा लेने और नौकरी लगवाने के लिए दस्तावेज लेने आए तो उन्हें शक के आधार पर खुद पीड़ित ने पकड़ लिया और उन्हें जीआरपी के समक्ष पेश किया। आरोपितों के कब्जे से कुछ कार्ड, स्टैंप पैड और अन्य सामान भी मिला है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान 43 वर्षीय भीम सिंह वासी गांव बुडगपुर अबाद करनाल और व 45 वर्षीय चरणजीत सिंह वासी गांव चुगल, थाना नग्गल अंबाला के तौर पर हुई है। सतीश निवासी जींद की शिकायत पर जीआरपी ने उक्त दोनों आरोपितों सहित मास्टर माइंड मंजीत अत्री, अनुराग शर्मा, अशोक कुमार, भीम सिंह व चरणजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी जांच आरंभ कर दी है।

भांजी के फोन से ही अनुराग का नंबर मिला
शिकायतकर्ता सतीश ने बताया कि भांजी की नौकरी लगवाने के लिए 4 अप्रैल को अनुराग शर्मा से बात हुई थी। भांजी के फोन से ही अनुराग का नंबर मिला था। दूसरी बार 25 जून को अनुराग से बताई हुई। उसने मंजीत अत्री नाम के व्यक्ति से कान्फ्रेंस पर  बात करवाई। उसने बताया कि वह रेलवे सहित अन्य विभागों में कांट्रेक्टर पर 25 साल के लिए नौकरी पर लगवाते हैं। अनुराग ने ही मंजीत अत्री का फोन नंबर दिया। इसके बाद अनुराग से बात होती रही। व्हाट्सएप काल के माध्यम से उसने बताया कि रेलवे में क्लर्क और सुपरवाइजर की वैकेंसी है। गृह मंत्रालय दिल्ली में भी 4 पोस्ट हैं।

नौकरी लगवाने के लिए मांगे 4 लाख
उन्होंने नौकरी लगवाने के लिए प्रति व्यक्ति 4 लाख रुपये देने की बात कही। जब अनुराग से बात की  तो उसने मंजीत से करवाने को कहा। जब व्हाट्सएप पर बात करवाई हुई तो उन्होंने 2 लाख 10 रुपये हजार रुपये कागजात के साथ देने को कहा। सतीश ने बताया कि 15 जून को अनुराग द्वारा बताए गए गुगल पे  पर उसने 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। उसने 23 जुलाई को दिल्ली रेलवे स्टेशन की वर्कशाप के गेट नंबर 1  पर इंटरव्यू के लिए बुलाया। फिर वहां से 25 जुलाई को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आने को कहा।

जब वह चंडीगढ़ पहुंच गए तो अनुराग और मंजीत अत्री ने लगभग 10 बजे फोन किया और कहा कि उनका इंटरव्यू अंबाला रेलवे स्टेशन पर होगा। अंबाला पहुंचने पर जब मंजीत अत्री को फोन किया तो उसने कान्फ्रेंस के जरिए एक व्यक्ति से बात करवाई। कुछ ही देर में सफेद कपड़ों में उसे एक आदमी मिला। उसने कहा कि सभी बच्चों के कागजात दे दो और कल अंबाला सिटी आफिस में लेकर जाने है। सतीश को जब उसकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ तो इस दौरान एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गया।

ये सामान किया बरामद
इस दौरान दोनों पक्षों में बहस हो गई। दोनों को पकड़ कर छावनी जीआरपी थाने ले जाया गया। सतीश ने बताया कि मंजीत अत्री, अनुराग शर्मा, अशोक कुमार, भीम सिंह व चरणजीत सिंह भी इसमें शामिल हैं। जीआरपी ने उक्त आरोपितों के कब्जे से 4 कान्ट्रेक्ट कार्ड, 1 इंक पैड, 1 कैंची, फेवी स्टीक सहित 1 रजिस्टर बरामद किया। इस पर कुछ व्यक्तियों के नाम पते व हस्ताक्षर थे।वहीं रजिस्टर के अंदर 10 एग्रीमेंट फार्म और 10 एफीडेविट भी बरामद हुए।

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