रीवा को महानगर की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य राजेंद्र शुक्ला
रीवा
रीवा को महानगरों की तर्ज पर विकसित करने की परिकल्पना करते हैं तब हमे रीवा की सुंदरता के क्षेत्र में भी कार्य करने की आवश्यकता है।हमारे रीवा शहर स्थित कई तालाब वर्षों से उपेक्षित रहे जहां गंदगी फैली हुई दिखाई देती थी । रानी तालाब जहां कभी झुग्गी बस्ती,व गंदगी बनी रहती थी आज उस जगह को रीवा का स्वर्ग कहा जाने लगा साथ ही वहाँ का पर्यटक व धार्मिक महत्व भी बढ़ गया प्रतिदिन सुबह शहर के लोग,बुजुर्ग, महिलाएं वहाँ टहलने जाती हैं यह कार्य आसान नही था ये तो विंध्य के लाड़ले सपूत श्री राजेन्द्र शुक्ल जी की कल्पना थी कि रानी तालाब को रीवा का स्वर्ग बनाना है जिसमे झुग्गी बस्तियों को सुव्यवस्थित विस्थापन कर तालाब व माता जी के परिसर को दिव्य व भव्य स्वरूप दिया गया।इसी तरह चिरहुला तालाब भी अपने अस्तित्व को खोता जा रहा था जिसे विंध्यनायक श्री राजेन्द्र शुक्ल जी ने जनभागीदारी के माध्यम से ऐतिहासिक बना दिया जो शहरवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि मिल गयी साथ ही वही पर स्थित चिरहुला नाथ स्वामी हनुमानजी के मंदिर को भी भव्य बना कर धार्मिक जीर्णोद्धार किया गया जो हम सभी के आस्था का केंद्र रहा है।
रीवा शहर के पूर्वी छोर पर स्थित रतहरा तालाब की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं रही । जिसे विंध्यनायक श्रीशुक्ल ने विशेष रुचि ले कर उसके सुंदरीकरण के लिए आवश्यक राशि स्वीकृति कराके निर्माण कार्य शुरू कराया वहां झुनियॉँ में रह रहे लोगो को विस्थापित कर उन्हें प्लाट उपलब्ध कराया घर बनाने के लिए विधायक निधि से भी पैसा दिया साथ ही पात्र लोगों को आवास योजना अंतर्गत घर दिया गया।यह तालाब सबसे सुंदर बन रहा है इस तालाब में लगने बाली तकनीक बड़े शहरों में ही देखी जा सकती है।
