मुजफ्फरनगर सामूहिक हत्याकांड में 16 दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना

 मुजफ्फरनगर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 11 साल बाद एक सामूहिक हत्याकांड में 16 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई. इसके साथ ही 60-60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है.

एडीजीसी किरण पाल कश्यप और वादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल जिंदल ने पैरवी कर कुल 37 गवाहों को कोर्ट में पेश किया. मुख्य आरोपी मीनू त्यागी गैर जनपद की जेल में बंद है. कोर्ट में पेश न होने पर उसे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाई गई. साल 2011 में हुई इस वारदात में मृतक उदयवीर सिंह के भाई ब्रजवीर सिंह ने 20 नामजद लोगों पर केस दर्ज कराया था.

दरअसल, 11 जुलाई 2011 को नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बड़कली के पास षड्यंत्र के तहत एक ट्रक से कार में टक्कर मार दी गई थी. इस साजिश के तहत गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह सहित उनके परिवार के 8 लोग गौरववीर सिंह, समरवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, दिव्या, प्रणव, भोला और कल्पना की सामूहिक हत्या कर दी गई थी.

इस मामले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख विक्की त्यागी की पत्नी मीनू त्यागी सहित 16 लोगों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही 60-60 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है. इस मामले की सुनवाई विशेष अदालत पॉक्सो कोर्ट नंबर 2 के जज छोटेलाल की कोर्ट में हुई.

आरोपी विक्की त्यागी की 16 फरवरी 2015 को कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि इस मामले में दो आरोपियों की बाद में मौत हो गई थी और एक नाबालिग घोषित किया गया था.

इसके चलते इस मामले में आज कोर्ट ने दोष साबित होने पर मीनू त्यागी, ममता, अनिल, शुभम, लोकेश, प्रमोद, मनोज, मोहित, धर्मेंद्र, रविंद्र, विनोद, विदित, बबलू, बोबी उर्फ विनीत शर्मा, बॉबी उर्फ विनीत त्यागी और हरवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है. डीजीसी राजीव शर्मा ने बताया कि विवेचना के बाद इस मामले में चार्जशीट दाखिल हुई थी. विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में आई. उसके बाद ट्रायल चला.अब  न्यायालय ने 16 लोगों को सजा सुनाई है. जुर्माना जमा न करने की स्थिति में भी सजा का प्रावधान है.

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