एक हजार रुपए जमा नहीं करने पर विद्यार्थियों ने छोडी सीट

भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग की आगामी सत्र 2022-23 की गाइडलाइन में विद्यार्थी उलझ गए हैं। गाइडलाइन ने विद्यार्थियों को अपनी पसंद का प्रवेश तक छोड़ना पड़ा है। यही कारण है कि प्रथम राउंड के अलाटमेंट में विद्यार्थियों ने प्रवेश छोड़े हैं।

विभाग ने अपनी गाइडलाइन विद्यार्थी अपनी एक हजार रुपये की फीस जमा कर प्रवेश ले पाएंगे। इससे दो हजार रुपए से ज्यादा की सालाना फीस वाले विद्यार्थियों को काफी राहत मिल रही थीं। ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक संकट के कारण स्ववित्तीय कोर्स में प्रवेश लेने वाले विद्यर्थियों काफी परेशानी आ रही थी।

इसलिए विभाग ने गाइडलाइन में न्यूनतम फीस एक हजार रुपए फीस जमा कर प्रवेश की व्यवस्था की है। ये व्यवस्था ऐसे विद्यार्थियों को परेशानी का कारण बन गई, जिनकी फीस एक हजार रुपए से कम हैं।

यहां बनी एक हजार रुपए समस्या
प्रदेश में 512 सरकारी कालेज हैं। दूरदराज के कालेजों में न्यूनतम फीस करीब 300 रुपए तक है। गाइडलाइन के मुताबिक के मुताबिक उन्हें एक हजार रुपए जमा करने पर ही प्रवेश मिलेगा। मतलब विद्यार्थी को सामान्य फीस से 300 रुपए जमा करना है। इसलिए विद्यार्थियों ने प्रवेश ही लेना उचित नहीं समझा है। इसके कारण दो लाख विद्यार्थियों को यूजी और पीजी में अलाटमेंट जारी किया गया, लेकिन प्रवेश सवा लाख विद्यार्थी ही ले सके हैं।

भोपाल में भी भारी पड़ रही
भोपाल में ही बीए और बीकाम कोर्स की फीस 1200 से 1600 रुपए तक है। ऐसे में विद्यार्थी को आधी फीस के रुपए में करीब 600 से 800 रुपए तक जमा कर प्रवेश मिल सकते थे, एक हजार रुपए की फीस के आदेश के आगे उन्हें अब ज्यादा फीस की व्यवस्था करना पड़ी है।  

क्यों भारी पड़ रही है फीस
प्रदेश के सरकारी कालेजों गरीबी रेखा के बाद सामान्य वर्ग के वे विद्यार्थी भी प्रवेश लेते हैं, जो सामान्य वर्ग के होने के बाद गरीबी रेखा के नीचे का जीवन यापन करते हैं। उन्हें आर्थिक संकट के कारण प्रवेश लेने में ज्यादा परेशानी उठाना पड़ रही है।

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