बेटा राज धर्म का पालन करे , मैं राष्ट्र धर्म का पालन करूंगा-यशवंत सिन्हा

 नई दिल्ली

 विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने दिल्ली में संसद में अपना नामांकन दाखिल किया. इस दौरान उनके साथ विपक्ष के तमाम बड़े नेता भी मौजूद रहे. जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता और तेलंगाना के मंत्री के टी रामाराव, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे.

नामांकन के बाद दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि मैं विपक्ष की चौथी पसंद हूं. इससे मुझे कोई दिक्कत नहीं है. अगर मैं 10वां भी होता तो भी स्वीकार करता. यह एक बहुत बड़ी लड़ाई है, जिसमें मेरा छोटा सा भी योगदान जरुरी हो तो मैं तत्पर रहूंगा.

उन्होंने कहा कि ये दो व्यक्तियों की लड़ाई नहीं है. राष्ट्रपति भवन में वही व्यक्ति जाए जो इस पद की जिम्मेदारी को निभा सके. अगर कोई ऐसा व्यक्ति राष्ट्रपति पद पर बैठा जो सरकार के कब्जे में हो, तो  इस पद का कोई फायदा नहीं बचेगा. यशवंत सिन्हा ने आगे कहा कि राष्ट्रपति केवल रबर स्टाम्प बन कर रह गए हैं.

'नई बिल्डिंग बनाने से नहीं आएगी नई जान'

उन्होंने कहा कि जब मैं संसद में था, विपक्ष में होते हुए भी वित्त मंत्रालय की स्टैंडिंग कमेटी में था. प्रणब दा, चिदंबरम जी और गुजरात के डेलिगेशन ने GST का विरोध किया गया था. इस दौरान पीएम मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री थे. आज पार्लियामेंट को पंगु कर दिया गया है. वहीं सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर उन्होंने कहा कि नई बिल्डिंग बनाने से पार्लियामेंट में नई जान नहीं आएगी, उसकी गरिमा नहीं बढ़ेगी.

'नोटबंदी सबसे बड़ा स्कैम'

उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि हम ही जीतेंगे, क्यों हम सच के साथ हैं. हम किसी ग़लत कदम का सहारा नहीं ले रहे हैं. इसके अलावा नोटबंदी पर बात करते हुए सिन्हा ने कहा कि 2016 में नोटबंदी हुई, आज कहीं चर्चा होती है? आज तो आरबीआई ने डाटा देना ही बंद कर दिया है. मुझे जानकारी नहीं है कितना कला धन वापस आ गया है. उन्होंने नोटबंदी को इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम भी बताया.

'बेटा राजधर्म का पालन करेगा'

यशवंत सिन्हा ने अपने बेटे जयंत सिन्हा के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने को लेकर किसी धर्म संकट में नहीं हैं. वह राज धर्म का पालन करता है… मैं राष्ट्र धर्म का पालन करूंगा.

28 जून से अभियान की शुरुआत

यशवंत सिन्हा ने बताया कि वो 28 जून से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे. उनका अभियान तमिलनाडु के चेन्नई से शुरू होने की संभावना है. वो पहले दक्षिण के राज्यों में समर्थन मांगेंगे, उसके बाद ही उत्तर के राज्यों में आएंगे.

बता दें क़ एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने 24 जून को चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था. भारत के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है.

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