नामांकन दाखिले की अंतिम तारीख नजदीक, दावेदारों की दौड़ तेज

भोपाल
नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों में टिकट वितरण रोचक होते जा रहा है। पहले मेयर प्रत्याशियों को लेकर खींचतान मची रही, अब पार्षद टिकटों के लिए भी दोनों पार्टियों को खासा माथापच्ची करनी पड़ रही है। संभावित बगावत को टालने के इरादे से अब टिकट की घोषणा नामांकन जमा करने के ऐन पहले किए जाने की संभावना है।

महापौर प्रत्याशियों के टिकट का ऐलान करने के बाद भाजपा में अब नगर निगम में पार्षद पद के टिकटों को लेकर खींचतान मची है। इसके चलते सतना को छोड़ किसी भी नगर निगम में अब तक टिकट घोषित नहीं किए गए हैं। कई जिलों में जिला स्तर पर ही पैनल को लेकर जोर आजमाईश चल रही है तो कुछ जिलों में पैनल जिलों की ओर से संभागीय समितियों को भेज दिए गए हैं लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिलने से नाम घोषित होना बाकी है।

दूसरी ओर पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि विवाद और बगावत की स्थिति को रोकने के लिए पार्टी अधिकांश नगर निगमों में शुक्रवार को ही पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। प्रदेश भाजपा संगठन ने जिस तरह से महापौर पद के लिए दावेदारों की लंबी फेहरिस्त होने के बाद भी आम कार्यकर्ता को टिकट देने का काम संघ के समन्वय से किया है और नामांकन दाखिले की अंतिम तारीख के तीन दिन पहले टिकट घोषित किए हैं, उसी तर्ज पर जिलों में नगर निगम पार्षद टिकट के लिए वर्किंग जारी है।

संगठन सूत्रों का कहना है कि संगठन की पूरी कोशिश है कि पार्टी के लिए दिन रात जुटे रहने वाले नए कार्यकर्ताओं को टिकट दिया जाए और विधायक, सांसद या अन्य नेताओं की परिक्रमा करने वालों को टिकट से दूर रखा जाए।

हालांकि संगठन पर इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों का दबाव बना हुआ है और येन केन प्रकारेण जिलों से जारी होने वाली पैनल लिस्ट में ऐसे नाम शामिल किए जा रहे हैं जिनको लेकर पार्टी सख्त है और ये परिवारवाद या परिक्रमा के फेरे में आते हैं।

कई जिलों में संभागीय समिति तक नहीं पहुंची सूची
सूत्र बताते हैं कि संगठन ने जिस तरह से महापौर कैंडिडेट घोषित करने के बाद विरोध करने वालों को समझाईश देने का काम किया है, उसी तरह पार्षद पद के मामले में भी रणनीतिक रूप से काम हो रहा है। जिला अध्यक्षों को संकेत दिए गए हैं कि नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के टिकट घोषित करते जाएं लेकिन नगर निगम के टिकट में कम से कम नामांकन पार्टी की ओर से दाखिल कराने के लिए शुक्रवार तक सूची घोषित करें। यही वजह है कि सागर, छिंदवाड़ा, रीवा, सिंगरौली, मुरैना, रतलाम, बुरहानपुर, खंडवा, कटनी, देवास में नाम तय कर संभागीय समितियों तक पहुंचा दिए गए हैं लेकिन सूची जारी घोषित नहीं हो सकी है। दूसरी ओर बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में अभी संशोधन की स्थिति चल रही है। इंदौर, भोपाल में संभागीय समिति की बैठक के बाद भी सूची में बदलाव होने की सूचना है तो ग्वालियर में अभी संभागीय बैठक होना है। इसके चलते यह स्थिति बनी है कि कल रात में ही नगर निगम पार्षदों की सूची 15 नगर निगमों में जारी हो सकेगी।

यह है टिकट घोषित करने की प्रक्रिया
प्रदेश संगठन ने नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायतों के पार्षद पद के टिकट वितरण के लिए जिलों की कोर कमेटी को अधिकृत किया है। इसके लिए जिला प्रभारी भी बनाए हैं। कोर कमेटी में नगर परिषद, नगर पालिका और नगर निगम प्रभारी नियुक्त किए गए पदाधिकारियों के पास से पैनल पहुंचे हैं। जिलों के द्वारा तैयार पैनल संभागीय समिति को भेजे जाने हैं। संभाग से पार्षदों के नाम फाइनल करने के लिए जरूरत के  आधार पर प्रदेश संगठन से फीडबैक लिया जा सकेगा। इसके बाद सूची जारी की जाएगी। संगठन ने संभागीय प्रभारी भी इसके लिए बनाए हैं।

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