बंगाल विधानसभा के मानसून सत्र पेश होंगे कई अहम विधेयक, भाजपा विधायक सत्र का करेंगे बहिष्कार

कोलकाता
बंगाल विधानसभा (विस) के मानसून सत्र में राज्यपाल को प्रदेश के समस्त सरकारी विश्वविद्यालयों (विवि) के कुलाधिपति व निजी विवि के विजिटर पद से हटाकर उनकी जगह क्रमश: मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को लाने के साथ कई विधेयक पेश किए जाएंगे। आज से पांच दिन ही विस की कार्यवाही चलेगी इसलिए ममता सरकार को पांच दिनों में ही ये सारे बिल पास कराने होंगे। इधर भाजपा विधायक कल से सत्र का बहिष्कार कर माक विधानसभा सत्र आयोजित करने की तैयारी में हैं। इन लोगों का कहना है कि जब तक साथी विधायकों का निलंबन वापस नहीं होगा तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

दूसरी तरफ, विस स्पीकर बिमान बनर्जी ने 17 जून तक चलने वाले मानसून सत्र में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, विधानसभा भाजपा के चीफ व्हिप मनोज तिग्गा समेत भाजपा के निलंबित सात विधायकों को आमंत्रित नहीं करने का निर्देश दिया है। भाजपा विधायक 13 जून से सत्र का बहिष्कार कर माक विधानसभा सत्र आयोजित करने की तैयारी में हैं। इन लोगों का कहना है कि जब तक साथी विधायकों का निलंबन वापस नहीं होगा तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

जानकारों का कहना है कि सरकार को प्रत्येक विवि के मामले में अलग-अलग बिल लाकर उसे पारित कराना होगा क्योंकि ये विवि स्वायत्त संस्था हैं इसलिए कानूनी तौर पर कुलाधिपति के पद पर राज्यपाल के बदले किसी और को लाने के लिए विस में संशोधन विधेयक लाना जरुरी है। संशोधन बिल को पारित कराने से पहले उस पर चर्चा जरुरी है। इसकी समयावधि आधे घंटे से लेकर दो घंटे तक की हो सकती है इन विधेयकों को पारित कराने के लिए चर्चा में ही अच्छा-खासा समय लग सकता है। बंगाल में वर्तमान में सात सरकारी विवि हैं जबकि निजी विवि की संख्या पांच से सात हैं।

 

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