बिना फीस के काउंसलिंग से कॉलेज होंगे बाहर, ऑडिट रिपोर्ट भी होगी जमा

भोपाल
प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति को सूबे के करीब 1266 कॉलेजों की आगामी तीन सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की फीस निर्धारित करना है। एआईसीटीई से मान्यता और संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता नहीं मिलने पर फीस निर्धारित नहीं की जाएगी। यहां तक उन्हें अपनी आॅडिट बैलेंस शीट तक जमा करना होगी। इसके बाद ही उनकी फीस निर्धारित की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने एनसीटीई और बीसीआई के कोर्स में प्रवेश देने काउंसलिंग शुरू कर दी है। तकनीकी शिक्षा विभाग की काउंसलिंग प्रस्तावित है। फीस फिक्स कराने के लिये कॉलेजों को एनसीटीई, एआईसीटीई, बीसीआई और काउंसिल आॅफ नर्सिंग कोर्स की मान्यता लेकर आना होगा।

उक्त काउंसिल के करीब 850 कॉलेजों ने फीस निर्धारित करने दस्तावेज फीस कमेटी में जमा नहीं किया है। उन्हें मान्यता के साथ संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता और आॅडिट की हुई बैलेंस शीट देना होगा। फीस निर्धारित करने के लिये प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि बीत चुकी है। अभी भी कई कॉलेजों ने प्रस्ताव तैयार कर कमेटी में नहीं भेजे हैं। इसलिये उनकी फीस निर्धारित नहीं की जाएगी। इसके चलते वे काउंसलिंग में भागीदारी भी नहीं कर सकेंगे।  

प्रस्ताव पर भी दलील
फीस कमेटी सभी कॉलेज के प्रस्ताव लेकर उनकी प्रत्यक्ष उपस्थित होकर सुनवाई करना शुरू कर दिया है। पिछले दो सालों में कोरोना संक्रमण का ज्यादा प्रभाव होने के कारण आनलाइन सुनवाई कराई गई थी। अब कोरोना संक्रमण नियंत्रण में बना हुआ है। अंतिम तिथि तक कई कॉलेज प्रस्ताव जमा नहीं कर सके हैं। एक दर्जन कॉलेजों ने अंतिम तिथि बीतने तक प्रस्ताव जमा नहीं करने की दलीलें कमेटी को दी हैं, जिसके चलते उन्हें प्रस्ताव जमा करने का अंतिम मौका दिया गया है।

इन कोर्स की निर्धारित होगी फीस
फीस कमेटी बिना बैलेंस सीट के फीस निर्धारण नहीं करेगा। इससे कॉलेजों की समस्याएं जरूर बढ़ गई हैं। फीस कमेटी प्रोफेशनल कोर्स में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, विधि, आर्किटेक्चर, होटल मैनेजमेंट, नर्सिंग और मेडिकल के साथ एनसीटीई कोर्स संचालित करने वाले करीब 1266 कॉलेजों की फीस निर्धारित करेगा।  

काउंसलिंग में नहीं करने देंगे भागीदारी
कॉलेजों को अब अपनी कोर्स मान्यता बीसीआई, एनसीटीई, एआईसीटीई, काउंसिल आॅफ फार्मेसी और नर्सिंग से लेकर आना होगा। इसके बाद ही उनकी फीस निर्धारित की जाएगी। फीस तय नहीं होने पर उन्हें किसी भी विभाग की काउंसलिंग में भागीदारी करने नहीं मिलेगी।
देव आनंद हिंडोलिया, ओएसडी, फीस कमेटी

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