बिहार सरकार का लापरवाही बरतने वाले डीएम के लिए नया आदेश, कमिश्नर को दी बड़ी पावर

पटना
सामान्य कर्मी सरकारी आदेश का पालन नहीं करते हैं, यह आम शिकायत है। नई बात यह है कि कई जिलों के डीएम भी सरकारी आदेश के पालन में रुचि नहीं दिखाते। सामान्य प्रशासन विभाग ने मई में डीएम को पत्र लिखकर कहा था कि पत्र व्यवहार में सावधानी बरतें और राज्य से बाहर की यात्राओं का पूरा विवरण आवेदन में दें। गौरतलब है कि अधिसंख्य डीएम ने इस आदेश का पालन नहीं किया। अब सामान्य प्रशासन विभाग ने डिविजनल कमिश्नर को कहा है कि वे इस आदेश का पालन करने के लिए अधीनस्थ डीएम को निर्देश दें।

पत्र में जिलाधिकारी से दो अपेक्षाएं
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डा. बी राजेन्दर ने पिछले महीने की 20 तारीख को एक पत्र लिखा था। यह सभी डीएम को संबोधित था। इसमें डीएम से दो अपेक्षाएं की गई थीं। पहली-सरकारी पत्र व्यवहार में पदनाम के साथ अपना नाम भी लिखें।  पत्राचार में पदनाम के साथ नाम का उल्लेख न करना स्थापित प्रशासनिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। दूसरी-डीएम राज्य मुख्यालय या राज्य के बाहर के अवकाश के लिए जो आवेदन देते हैं, उसमें यात्रा वाली जगह का उल्लेख नहीं रहता है। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव के मुताबिक ऐसे पत्रों में गंतव्य स्थल के नाम का उल्लेख जरूरी है।   

पदनाम के साथ नाम न लिखने की परिपाटी को ले पहले दिया निर्देश
प्रधान सचिव के पत्र का पूरा असर नहीं हुआ। सामान्य प्रशासन विभाग ने आठ जून को एक पत्र सभी डिविजनल कमिश्नर को लिखा। इसमें कहा गया है कि कुछ डीएम सामान्य प्रशासन विभाग के 20 मई के आदेश का पालन नहीं करते हैं। अत: इस विभागीय आदेश को अनिवार्य रूप से पालन करने के लिए अपने अधीनस्थ को निर्देश दें। पदनाम के साथ नाम न लिखने की परिपाटी को समाप्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने पहले भी पत्र लिखा था।

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