मनी लॉन्ड्रिंग केस में रितु बेरी के भाई और पति की संपत्ति कुर्क

   मुंबई

गोवा में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फैशन डिजाइनर रितु बेरी के भाई और पति की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही है. ईडी ने रितु बेरी के भाई और पति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अचल संपत्ति कुर्क की है. एजेंसी ने रितु बेरी के भाई नवीन बेरी और पति अरविंद चड्ढा और मामले में शामिल अन्य लोगों की संपत्ति कुर्क की है.

ईडी ने अस्थायी रूप से चल और अचल संपत्ति को कुर्क किया है. एजेंसी ने मनीष शर्मा, नवीन बेरी, उनकी पार्टनरशिप फर्म मेसर्स लावण्या ट्रेवल्स और बेरी के पति अरविंद चड्ढा की मालिकाना कंपनी सुश्री संस्कार ग्रुप से करीब 24 करोड़ रुपये से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच करते हुए ये कार्रवाई की है. कुर्क की गई संपत्ति गोवा में विला और फ्लैट, दिल्ली और फरीदाबाद में फ्लैट और कार्यालय की जगह और सावधि जमा के रूप में है.

10 करोड़ रुपये में विला का वादा

ईडी ने निवेशकों को ठगने के लिए इन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत गोवा पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की. इन लोगों ने 10 करोड़ रुपये में उन्हें गोवा के अंजुना में मेसर्स संस्कार ग्रुप द्वारा विकसित किए जाने वाले बंजारा हिल्स प्रोजेक्ट में विला का वादा किया था.  

प्रोजेक्ट को गिरवी रखकर लिया था लोन

ईडी की जांच से पता चला है कि मनीष शर्मा ने खरीदारों को निर्धारित समय में विला देने का वादा किया था. हालांकि जब ये प्रोजेक्ट 60-70 फीसदी तक पूरा हो चुका तो मनीष शर्मा और नवीन बेरी ने जम्मू और कश्मीर बैंक के प्रबंधक के साथ मिलकर बंजारा हिल्स परियोजना को बैंक के पास गिरवी रख दिया और गलत डॉक्यूमेंट दिखाकर 20 करोड़ रुपये का लोन ले लिया.
इसके बाद ऋण राशि को मनीष शर्मा, नवीन बेरी, उनकी पार्टनरशिप फर्म मैसर्स लवनाया ट्रेवल्स और अरविंद चड्ढा के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. इस पैसे को आगे चलकर उन्होंने अपनी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया. बैंक ने उक्त ऋण खाते को एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया. सूत्रों ने बताया कि अपराध की शेष आय का पता लगाने के संबंध में जांच जारी है.Live TV

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