प्रदेश में अपराधियों से मुक्त जमीन पर बनेंगे बच्चों के स्कूल,शिवराज कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले

भोपाल
 मंगलवार को मंत्रालय में शिवराज कैबिनेट (madhya pradesh cabinet meeting) की बड़ी बैठक हुई है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कि अपराधियों से छीनी गई भूमि पर स्कूल का निर्माण होगा। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनट की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दबंगों से छीनी गई भूमि को आंगनबाड़ी और स्कूलों को प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि प्रदेश में संचालित प्राइवेट बसें, जो कोरोना के दौरान लॉकडाउन में बंद थीं, उनके बस मालिकों को देय मासिक वाहन कर में 130 करोड़ रुपये की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

 

साथ ही शिवराज कैबिनेट स्वस्थ भारत मिशन द्वितीय के अनुसमर्थन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना में संशोधन किया गया है। इसमें पहली जांच के बाद रजिस्ट्रेशन हो जाएगा, अब विभाग बाकी की जांचों को मॉनिटर कर गर्भवती महिला को बुला सकता है। चार जांचें मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए अति आवश्यक है। गृह मंत्री ने कहा कि दतिया जिले में 330 मेगावॉट सौर उर्जा लगाने की अनुमति दी गई है। ये एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है।

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इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि सीएम चौहान ने सड़क सुरक्षा पर तीन सदस्यीय समिति गठन करने के निर्देश दिए हैं। समिति में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया सदस्य होंगे।

दरअसल, एमपी में हाल कि दिनों में माफियाओं के ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इन्हीं जमीनों पर स्कूल और गरीबों के लिए घर का निर्माण कराया जाएगा। राज्य कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है।

 प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए निवेशकों को भूखंड उपलब्ध कराने के लिए किसानों से सहमति के आधार पर भूमि ली जाएगी। इसमें भूमि का अधिग्रहण लैंड पूलिंग योजना के तहत किया जाएगा। इंदौर-पीथमपुर निवेश क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए जिन किसानों से भूमि ली जाएगी, उन्हें भूमि की कलेक्टर दर के हिसाब से बीस प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी। शेष 80 प्रतिशत राशि के बराबर की विकासित (आवासीय या वाणिज्यिक) भूमि दी जाएगी। इसके साथ ही भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहु उत्पाद कंपनियों को भूमि आवंटित की जाएगी। इसमें महिला उद्यमियों को प्राथमिकता मिलेगा।

इंदौर-पीथमपुर निवेश्ा क्षेत्र में लैंड पूलिंग योजना के अंतर्गत सेक्टर चार, पांच और छह को विकास को ध्यान में रखते हुए किसानों से आपसी सहमति के आधार पर द्वितीय चरण में पांच सौ हेक्टेयर का अधिग्रहित किया जाना है। 124 किसान और अन्य भू-स्वामियों से सहमति प्राप्त हो चुकी है। मुआवजे की गण्साना कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार दिया जाएगा। जिस व्यक्ति की भूमि राष्ट्रीय या राज्य के राजमार्ग से पहुंच मार्ग पर उपलब्ध कराई जाएगी, उनको विकसित भूमि हाइवे के नजदीक उपलब्धता के आधार पर मिलेगी। भूमि अधिग्रहण के एवज में 153 करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को मिलेगा। साथ जो भूमि किसान को आवंटित की जाएगी, उसके पंजीयन और स्टांप शुल्क से छूट रहेगी। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र राऊ रंगवासा मंे टाय क्लस्टर में विनिर्माण इकाइयों को सीधे भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। रोजगार सृजन अनुदान का लाभ इकाइयों को दिया जाएगा।

 

अचारपुरा में महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित होगी भूमि

भोपाल के औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में 146 हेक्टेयर भूमि पर बहुउत्पाद औद्योगिक क्षेत्र और 44 हेक्टेयर भूमि पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किया गया है। उद्योग विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने टेक्सटाइल पार्क के लिए आरक्षित भूमि बहुउत्पाद उद्योगों को भी देने का निर्णय लिया है। इसमें महिला उद्यमियों के लिए चार हेक्टेयर भूमि आरक्षित रहेगी। इसी तरह बुरहानपुर के सुखपुरी में टेक्सटाइल क्लस्टर के लिए 63 हेक्टेयर अविकसित भूमि दी जाएगी। तीन चरणों में क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इसके लिए विकासक को अधिकतम 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। क्लस्टर में स्थापित होने वाली इकाइयों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यात्री बस वाहनों को मोटरयान कर में 103 करोड़ रुपये की छूट

सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अप्रैल से जून तक यात्री बसों का संचालन प्रतिबंधित था। इस अवधि का मासिक मोटरयान कर सरकार ने माफ करने को निर्णय लिया है। इससे सरकार को 103 करोड़ रुपये के कर का नुकसान होगा।

बिना हेलमेट गाड़ी चलाने पर जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव स्थगित

बैठक में मोटरयान अधिनियम में संशोधन के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थगित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा जुर्माने की दर में की गई वृद्धि को मंत्रिमंडल के अधिकांश सदस्यों ने ज्यादा बताते हुए इस पर विचार करने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया की समिति गठित कर दी। यह सभी पहलूओं पर विचार करने के बाद अनुशंसा करेगी, जिसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

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